Cyclone Biporjoy: बिपरजॉय कल देगा दस्तक, NDRF की 33 टीमें तैयार, लैंडफॉल से समय होगी जोरदार बारिश
Mumbai: Lifeguard on patrol while high tidal waves lash the shore as the Biporjoy cyclone intensifies into a severe cyclonic storm, in Mumbai, Tuesday, June 13, 2023. (PTI Photo/Kunal Patil)(PTI06_13_2023_000063B)
Biparjoy Cyclone updates : अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान बिपरजाॅय खतरनाक रूप ले चुका है और फिलहाल 150 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. यह तूफान कल दोपहर गुजरात के कच्छ जिले के जखाऊ में लैंडफाॅल करेगा. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है. तूफान के प्रभाव से गुजरात के तटीय इलाकों में तेज बारिश हो रही है. कल बारिश और तेज हो जायेगी.
एनडीआरएफ की 33 टीमें बनायी गयी
गुजरात के कच्छ जिले में जखौ बंदरगाह के पास चक्रवात बिपारजॉय के संभावित दस्तक से पहले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने गुजरात और महाराष्ट्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए कुल 33 टीमों को जिम्मा सौंपा गया है. एनडीआरएफ की 18 टीमों को गुजरात में रखा गया है, एक को दीव में तैनात किया गया है.
गिराया गया 90 मीटर ट्रांसमिशन टॉवर
चक्रवात बिपारजॉय तूफान कल यानी गुरुवार को कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों से टकराने के पूर्वानुमान के बीच आकाशवाणी ने बुधवार को गुजरात के द्वारका में रस्सी से बंधे 90 मीटर ऊंचे अपने ट्रांसमिशन टॉवर को तोड़ दिया है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह किसी भी दुर्घटना को रोकने और आसपास के क्षेत्रों में जीवन एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए किया गया है. बता दें, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सूरत के संरचनात्मक विशेषज्ञों और प्रसार भारती की सिविल निर्माण इकाई ने संरचना के सुरक्षा ऑडिट के बाद जनवरी में 35 साल पुराने टॉवर को हटाने की सिफारिश की थी.
तूफान से पहले भूकंप के झटके
गुजरात में बिपरजॉय तूफान से पहले भूकंप के झटके महसूस किये गए. रिक्टर पैमाने में भूकंप की तीव्रता 3.5 रही.
चक्रवात से और पस्त हो सकता है पाकिस्तान
गंभीर आर्थिक संकट झेल रहा पाकिस्तान और बदहाल हो सकता है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक चक्रवात बिपरजॉय पाकिस्तान से ऐसे समय में टकराने जा रहा है जब देश पहले से ही गंभीर आर्थिक तंगी झेल रहा है. ब्लूमबर्ग ने कहा कि पाकिस्तान को वित्तीय वर्ष 2024 में लगभग 22 बिलियन डॉलर का ऋण भुगतान करना है. डिफॉल्ट से बचने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण सुरक्षित करने के लिए पाकिस्तान मदद के लिए गुहार लगा रहा है. ब्लूमबर्ग ने बताया कि जून के अंत में इसकी आर्थिक वृद्धि 0.29 फीसदी तक धीमी हो गई जो कि इसके इतिहास की सबसे कम दरों में से एक है.
राजनाथ सिंह ने की समीक्षा बैठक
चक्रवाती तूफान बिपारजॉय को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों से बात की है. रक्षा मंत्री ने चक्रवाती तूफान बिपारजॉय के लैंडफॉल के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा भी की. चक्रवात के कारण किसी भी स्थिति या आकस्मिकता से निपटने के लिए सशस्त्र बल नागरिक अधिकारियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं.
कल टकराएगा बिपरजॉय
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय कल यानी 15 जून को गुजरात के तट से टकराएगा. तूफान बिपरजॉय के चलते गुजरात के 9 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग में बताया कि तूफान के कारण तेज हवा के साथ जोरदार बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने आज के लिए ऑरेंज अलर्ट और कल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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