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COVID-19: स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपात काल में इस दवा के इस्तेमाल की दी इजाजत

Updated at : 14 Jun 2020 9:51 AM (IST)
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COVID-19:  स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपात काल में  इस दवा के इस्तेमाल की दी इजाजत

coronavirus update: देश में कोरोनावायरस का सहर बढ़ता ही जा रहा है. कुल मामलों के संख्या तीन लाख 20 हजार से ज्यादा हो गयी है वहीं मौतों का आंकड़ा भी 10 हजार के करीब पहुंच गया है. कोरोना की रफ्तार को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर शनिवार को नया प्रोटोकॉल जारी किया है.

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देश में कोरोनावायरस का सहर बढ़ता ही जा रहा है. कुल मामलों के संख्या तीन लाख 20 हजार से ज्यादा हो गयी है वहीं मौतों का आंकड़ा भी 10 हजार के करीब पहुंच गया है. कोरोना की रफ्तार को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर शनिवार को नया प्रोटोकॉल जारी किया है. इसमें मंत्रालय ने आपातकाल में एंटी वायरल दवा रेमडेसिविर और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा टोसीलीजुमैब के साथ-साथ प्लाजमा थेरेपी के जरिए कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए कहा है.

एचटी के मुताबिक, मंत्रालय ने शनिवार को ‘कोविड-19 के लिए क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल’ की समीक्षा की है. इसने कहा कि बीमारी की शुरुआत में सार्थक प्रभाव के लिए मलेरिया रोधक दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और गंभीर मामलों में इससे बचना चाहिए.मंत्रालय ने नये प्रोटोकॉल के तहत गंभीर स्थिति और आईसीयू की जरूरत होने की स्थिति में एजिथ्रोमाइसीन के साथ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल किए जाने की पहले की अनुशंसा को समाप्त कर दिया है.

मंत्रालय ने नए प्रोटोकॉल में कहा है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा देने से पहले मरीज का ईसीजी भी कर लिया जाना चाहिए। इसकी रिपोर्ट के अनुसार ही मरीज को दवा दें. संशोधित प्रोटोकॉल में कहा गया है, कई बड़े अवलोकन अध्ययनों में इसका कोई प्रभाव या सार्थक क्लीनिकल परिणाम नहीं दिखा है.

इसमें बताया गया है कि अन्य वायरसरोधी दवाओं की तरह इसका इस्तेमाल बीमारी की शुरुआत में किया जाना चाहिए ताकि सार्थक परिणाम हासिल किया जा सके और गंभीर रूप से बीमारी मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल करने से बचा जाना चाहिए. संशोधित दस्तावेज में बताया गया है कि इसकी खुराक चार से 13 एमजी प्रति किलोग्राम के बीच हो सकता है. सामान्य तौर पर 200 एमएल की एक खुराक दिया जा सकता है जो दो घंटे से कम के अंतराल पर नहीं हो.

भारत का रिकवरी रेट 50% के पास

दुनियाभर में कोरोना के ऐक्टिव मामलों की तुलना में ठीक हो चुके लोगों की संख्या ज्यादा हो चुकी है, वहीं भारत में भी रिकवरी रेट 50% छूने के करीब पहुंच चुका है.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक शनिवार शाम तक तक देश में 1 लाख 54 हजार 329 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं. अभी भी 1 लाख 45 हजार 779 लोग वायरस की चपेट में हैं और उनका इलाज जारी है. देश में कुल 55 लाख 7 हजार 182 टेस्ट किए जा चुके हैं. हालांकि, भारत अभी सबसे ज्यादा इन्फेक्शन के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर है.

Posted By: Utpal kant

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