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Coronavirus Unlock 2 Update : 31 जुलाई तक झारखंड में बढ़ाया गया लॉकडाउन, हेमंत सरकार का फैसला

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Coronavirus Unlock 2 Live Update: कोविड -19 (COVID-19) महामारी (Pandemic) का खतरा विश्व पर अभी भी बना हुआ है. झारखंड राज्य में 31 जुलाई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण का सिलसिला रुक नहीं रहा है, इसको मद्देनजर रखते हुए ये फैसला लिया गया है. सिर्फ भारत में इसके संक्रमितों की संख्या पांच लाख के करीब पहुंच गयी है. यही कारण है कि सरकार इस महामारी के खिलाफ लगातार युद्ध कर रही है. वायरस का असर कम करने और इसके चेन को तोड़ने के लिए पूरे देश में 24 मार्च की रात से संपूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया था. 31 मई तक देश में लॉकडाउन- 4 लागू रहा, एक जून से देश में अनलॉक वन की शुरुआत हुई, जो 30 जून तक चलेगा. चूंकि अनलॉक वन की अवधि अब समाप्त हो रही है और कई नये आदेश सरकार की तरफ से आ रहे हैं, वीकेंड पर सरकारें पूर्ण लॉकडाउन का पक्ष ले रही हैं और असम जैसे राज्यों में तो इसकी घोषणा भी कर दी गयी है. ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि सरकार अनलॉक -2 ( Unlock 2) के लिए नयी गाइडलाइन लेकर आयेगी. कल ही सरकार ने यह घोषणा कर दी कि एक जुलाई से स्पेशल ट्रेन को छोड़कर और कोई ट्रेन नहीं चलेगी, यह व्यवस्था 12 अगस्त तक लागू है. ऐसे में अनलॉक -2 ( Unlock 2) से संबंधित तमाम जानकारियों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहें हमारा यह लाइव अपडेट-

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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