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भारत में कोरोना वैक्सीन के ‘बूस्टर’ डोज लगाने पर विचार, सरकार बना रही रणनीति, एक्सपर्ट लेंगे फैसला

भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का काम काफी तेजी से जारी है. वहीं, दुनिया के कई देशों में कोरोना के दोनों डोज के अलावा बूस्टर डोज देने की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है. ऐसे में भारत सरकार भी देश में बूस्टर के रुप में अतिरिक्त डोज लगाने की योजना बना रही है.

By Prabhat khabar Digital
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कोरोना वैक्सीन के ‘बूस्टर’ डोज
कोरोना वैक्सीन के ‘बूस्टर’ डोज
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भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का काम काफी तेजी से जारी है. वहीं, दुनिया के कई देशों में कोरोना के दोनों डोज के अलावा बूस्टर डोज देने की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है. ऐसे में भारत सरकार भी देश में बूस्टर के रुप में अतिरिक्त डोज लगाने की योजना बना रही है. इसे लेकर अगले हफ्ते एक बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है. जिसमें इस पर निर्णय लिया जाएगा. बता दें कि बूस्टर डोज सबसे पहले उन लोगों को दी जाएगी जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है.

वहीं, एक न्यूज चैनल से बात करते हुए विकास से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि एक एक्सपर्ट ग्रुप देश में कोरोना वैक्सीन की तीसरी डोज पर नीति और दस्तावेज तैयार कर रही है. तीसरे कोविड वैक्सीन की डोज सिफरिश अतिरिक्त डोज के रुप में की गई है न कि बूस्टर डोज के रुप में.

किसे लगेंगे अतिरिक्त डोज?

जानकारी के मुताबिक अतिरिक्त डोज उन लोगों को दी जाएगी जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है. वैसे व्यक्ति जिनका कैंसर के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता खराब हो चुका है उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी . वहीं, स्वस्थ लोगों को दूसरी खुराक लेने के कुछ महीने के बाद ही अतिरिक्त डोज लगाया जाता है. ऐसे में रणनीति बना कर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन किया जाएगा.

अब तक 38 करोड़ लोग पूरी तरह वैक्सीनेटेट

आपको बता दें कि अब तक 38 करोड़ लोग पूरी तरह से वैक्सीनेटेट हो चुके हैं. काउइन के आंकड़ों की मानें तो ऐसा पहली बार हुआ है जब कोरोना के दोनों डोज ले चुके लोगों की संख्या कोरोना के सिंगल डोज लेने वालों से अधिक हैं. बता दें कि कोरोना की पहली डोज लेने वालों की संख्या अब 37.5 करोड़ है.

कब लगाई जाती है बूस्टर डोज

दरअसल किसी भी वैक्सीन की बूस्टर डोज प्राथमिक डोज लगाने के बाद लगाई जाती है. ये डोज तब लगाई जाती है जब प्राथमिक डोज लगने के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगता है. ये डोज तब लगाई जाती है जब भविष्य में भी संक्रमित होने की आशंका होती है. वहीं आपको बता दें कि फिलहाल पूरे देश में कोरोना नियंत्रण में बना हुआ है. देश में 11 हजार लगभग मामले रोजाना सामने आ रहे हैं. जिसमें सबसे ज्यादा मामले केरल से हैं.

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