Explainer: कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में नाटक-नौटंकी के बीच उठी प्रियंका की डिमांड, जानिए क्या है कारण

कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने प्रियंका गांधी वाड्रा से पार्टी अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने का आग्रह करते हुए कहा कि जब प्रियंका गांधी रॉबर्ट वाड्रा से शादी करने के बाद उनके घर की बहू बन गईं, तो उनका ताल्लुक पूरी तरह से नेहरू-गांधी परिवार से टूट गया और अब वे गांधी परिवार की सदस्य नहीं रहीं.
नई दिल्ली : कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू है. राजस्थान प्रकरण के बाद पार्टी के अंदर ही इस पद को लेकर सिर-फुटौव्वल जारी है. कभी अशोक गहलोत, कभी शशि थरूर, कभी दिग्विजय तो कभी मनीष तिवारी या फिर पवन बंसल का नाम सामने आ रहा है. लेकिन, कांग्रेस के कुछ सांसदों ने तो कांग्रेस महासचिव और गांधी परिवार की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को ही कांग्रेस अध्यक्ष बनाने पर आमादा हैं. हालांकि, यह बात दीगर है कि 24 साल बाद कांग्रेस के आंतरिक संगठन में कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव हो रहा है और नेहरू-गांधी परिवार से इतर लोगों को पार्टी प्रमुख के तौर पर चयन किया जाएगा.
कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने बुधवार को प्रियंका गांधी वाड्रा से पार्टी अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने का आग्रह करते हुए कहा कि जब प्रियंका गांधी रॉबर्ट वाड्रा से शादी करने के बाद उनके घर की बहू बन गईं, तो उनका ताल्लुक पूरी तरह से नेहरू-गांधी परिवार से टूट गया और अब वे गांधी परिवार की सदस्य नहीं रहीं. ऐसे में, अगर वे कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए पर्चा दाखिल करती हैं, तो इसमें दिक्कत क्या है?
हालांकि, कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक का यह बयान राजस्थान के मुख्यमंत्री और नेहरू-गांधी परिवार के सबसे करीबी ‘जादूगर’ अशोक गहलोत द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद राजस्थान में बड़े पैमाने पर नेतृत्व संकट के बीच आया है. गहलोत ने पहले कहा था कि राहुल गांधी ने उनसे कहा कि गांधी परिवार का कोई भी सदस्य पार्टी का अगला अध्यक्ष नहीं बनेगा. इस बीच, शीर्ष पद के चुनाव के लिए कांग्रेस के कई दिग्गजों के नाम सामने आ रहे हैं.
बारपेटा के कांग्रेस सांसद ने एक ट्वीट में कहा कि जैसा कि राहुल गांधी फिर से पार्टी अध्यक्ष बनने से इनकार कर रहे हैं, तो मैं प्रियंका गांधी को सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार मानता हूं. उन्होंने कहा कि वाड्रा परिवार की बहू होने के नाते वह भारतीय परंपरा के अनुसार गांधी परिवार की सदस्य नहीं हैं. यह बात दीगर है कि कांग्रेस के वरिष्ठ राजनेता शशि थरूर दो दशकों से अधिक समय के बाद होने वाले चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करने वालों में सबसे पहले थे. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनका चुनावी प्रतिद्वंद्वी कौन होगा.
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सबसे बड़ी बात यह है कि अगर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के चुने जाते हैं, तो उन्हें पार्टी के ‘एक आदमी, एक पद’ के नियम के तहत सीएम की कुर्सी छोड़नी होगी. राजस्थान के सीएम के संभावित उत्तराधिकारी की चर्चा ने गहलोत के वफादारों के एक समूह के इस्तीफे ने इस संकट को पैदा किया है. कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 30 सितंबर को समाप्त हो जाएगी और परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित होगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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