चीन ने लद्दाख में भारतीय सीमा के पास हॉट स्प्रिंग में लगाए तीन मोबाइल टावर, पहले भी कर चुका है नापाक हरकत

भारतीय सीमा से सटे चुशुल के लद्दाख ऑटोनोमस हिल कॉन्सिल के जनप्रतिनिधि (पार्षद) कोंचोक स्टेनजिन ने दावा किया है कि चीन ने भारत की सीमा से सटे हॉट स्प्रिंग के पास तीन मोबाइल टावर लगाए हैं.
नई दिल्ली : भारत की सीमा में सैनिक कार्रवाई बढ़ाने के उद्देश्य से चीन ने लद्दाख में पैंगोंग झील के पास हॉट स्प्रिंग एक बार फिर तीन मोबाइल टावर लगाया है. सर्दी के मौसम के बाद चारागाहों से लौटने वाले चरवाहों ने बताया कि चीन लद्दाख में पैंगोंग झील के पास उसी इलाके में अपनी सैन्य गतिविधि बढ़ाने के लिए तीन मोबाइल टावर लगाए हैं, जिस इलाके में 15 जून 2020 को भारत-चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी.
अंग्रेजी के अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सीमा से सटे चुशुल के लद्दाख ऑटोनोमस हिल कॉन्सिल के जनप्रतिनिधि (पार्षद) कोंचोक स्टेनजिन ने दावा किया है कि चीन ने भारत की सीमा से सटे हॉट स्प्रिंग के पास तीन मोबाइल टावर लगाए हैं. इस बाबत उन्होंने अपने अकाउंट से ट्वीट भी किए हैं. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘पैंगोंग झील पर पुल का काम पूरा करने के बाद चीन ने भारत की सीमा के बेहद करीब हॉट स्प्रिंग के पास तीन मोबाइल टावर लगाए हैं. क्या यह चिंता का विषय नहीं है? मानव बस्ती वाले गांवों में 4जी सर्विस भी नहीं है. मेरे निर्वाचन क्षेत्र के 11 गांवों में 4जी सर्विस नहीं है.’
After completing the bridge over Pangong lake, China has installed 3 mobile towers near China's hot spring very close to the Indian territory. Isn't it a concern? We don't even have 4G facilities in human habitation villages. 11 villages in my constituency have no 4G facilities. pic.twitter.com/4AhP4TYVNY
— Konchok Stanzin (@kstanzinladakh) April 16, 2022
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए पार्षद ने कहा, ‘भारतीय सीमा में हमारे क्षेत्र की निगरानी करने और अहम जानकारियों को इधर से उधर पहुंचाने के लिए इन मोबाइल टावरों का इस्तेमाल किया जा सकता है.’ उन्होंने यह दावा भी किया कि चीन भारत की सीमा के पास अपने क्षेत्र में तेजी से बुनियादी गतिविधियां बढ़ा रहा है.
चिशुल के पार्षद स्टैनजिन ने चीन की इस हरकत पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए आरोप लगाया है कि भारत अपने ज्यादातर सीमावर्ती गांवों में 4जी सेवाएं उपलब्ध नहीं करा रहा है. उन्होंने कहा कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र के 12 में से 11 गांवों में 4जी इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है. हमें इसे गंभीरता से लेना चाहिए. हम संचार सुविधा में पिछड़ रहे हैं. हमारे पास केवल एक मोबाइल टावर है, जबकि चीन की तरफ नौ मोबाइल टावर लगे हैं.
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बताते चलें कि पूरी दुनिया में कोरोना की पहली लहर के दौरान 15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में पैंगोंग झील के पास नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद शुरू हो गया. इस सीमा विवाद को सलझाने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच करीब 15 बार कमांडर स्तर की बातचीत हो चुकी है. फिर भी अभी मामला पूरी तरह सुलझा नहीं है. इस बीच, चीन भारतीय सीमाओं से सटे अपने इलाके में लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है.
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