Chandrayaan-3: 50 वैज्ञानिकों की रात आंख में कटी सफल लैंडिंग के साथ पूरी हुई मन्नत

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 24 Aug 2023 7:34 AM

विज्ञापन

शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस, दिल्ली-एनसीआर में प्रोफेसर और ओम्निप्रेजेंट रोबोट टेक के सीइओ आकाश सिन्हा ने इसरो की कामयाबी को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सराहा, जो नयी पीढ़ी के भावी वैज्ञानिकों को प्रेरित करेगी.

विज्ञापन

चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद इसरो के वैज्ञानिकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इसरो के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री एंड कमांड सेंटर (इस्ट्रैक) के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स (मॉक्स) में 50 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने मंगलवार की पूरी रात आंख में काटी. कंप्यूटर पर चंद्रयान-3 से मिल रहे आंकड़ों की पड़ताल में वे रातभर जुटे रहे. वे लैंडर को लगातार इनपुट भेज रहे थे, ताकि सॉफ्ट लैंडिंग के समय गलत फैसला लेने की कोई भी गुंजाइश न रहे. अंतत: वैज्ञानिकों का प्रयास रंग लाया और चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग ने उनकी बरसों की मन्नत पूरी कर दी.

चंद्रयान-3 की सफलता के पीछे इसरो के कई इंजीनियर और वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत

चंद्रयान-3 की सफलता के पीछे इसरो के कई इंजीनियर और वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत है, जिन्होंने चार साल कड़ी मेहनत करके इस मिशन को सफल बनाया. भारतीय ताराभौतिकी संस्थान, बेंगलुरु के वैज्ञानिक डॉ क्रिसफिन कार्तिक ने कहा, चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग अंतरिक्ष यात्रा की दिशा में हमारी सामूहिक प्रगति का प्रमाण है. यह विविधता में एकता की सुंदरता को दर्शाता है क्योंकि हम एक साथ ब्रह्मांड में यात्रा करते हैं. कार्तिक ने कहा, धीमे ही सही, लक्ष्य तक पहुंचना यह कहने से बेहतर है कि हमने दौड़ जीत ली. मैं इस पर जोर देता हूं क्योंकि कई लोग इसकी तुलना हमारे मित्र राष्ट्र के कार्यक्रमों से कर रहे हैं.

चंद्र अनुसंधान में दुनिया में अग्रणी बन जायेगा भारत

शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस, दिल्ली-एनसीआर में प्रोफेसर और ओम्निप्रेजेंट रोबोट टेक के सीइओ आकाश सिन्हा ने इसरो की कामयाबी को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सराहा, जो नयी पीढ़ी के भावी वैज्ञानिकों को प्रेरित करेगी. चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने में शामिल रहे सिन्हा ने बताया, इस शानदार उपलब्धि के साथ, भारत ने चांद के दक्षिणी घ्रुव पर उतरने वाला पहला देश बनकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है. सिन्हा ने कहा, इसरो का चंद्रयान मिशन, जो चंद्रमा पर पानी की खोज में अग्रणी था, नये मानक स्थापित करता रहा है. भौतिक विज्ञान केंद्र, कोलकाता के निदेशक संदीप चक्रवर्ती ने कहा कि सॉफ्ट लैंडिंग चंद्रमा से भविष्य की गतिविधियों के लिए एक शुरुआत है. यह बाहरी दुनिया का प्रवेश द्वार है.

Also Read: Chandrayaan 3 : चंद्रयान मिशन की सफलता में टीकरी निवासी किसान के बेटे की बड़ी भूमिका

जमशेदपुर में बनी टाटा स्टील के क्रेन से रॉकेट की असेंबलिंग, तो गोदरेज एयरोस्पेस ने बनाया सेटेलाइट थ्रस्टर्स

इसरो के मून मिशन की सफलता में टाटा स्टील, गोदरेज एयरोस्पेस, एलएंडटी, बीएचइएल समेत देश की कई कंपनियों का बड़ा योगदान रहा. रॉकेट इंजन और थ्रस्टर से लेकर अन्य कंपोनेंट्स का निर्माण इन कंपनियों द्वारा किया गया. टाटा स्टील द्वारा तैयार की गयी क्रेन ने आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में लॉन्च वाहन एलवीएम3एम4 (फैट ब्वॉय) को असेंबल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. टाटा स्टील ने इस क्रेन का निर्माण जमशेदपुर स्थित टाटा ग्रोथ शॉप में किया गया था. गोदरेज इंडस्ट्रीज की स्पेस सेक्टर में कार्यरत कंपनी गोदरेज एयरोस्पेस ने चंद्रयान-3 मिशन के लिए यान विकास इंजन, सीइ20 और सेटेलाइट थ्रस्टर्स को गोदरेज एयरोस्पेस की मुंबई स्थित बिखरोली फैसिलिटी में तैयार किया. मिशन के कोर स्टेज के लिए एल110 इंजन को भी गोदरेज कंपनी द्वारा ही बनाया गया है.

Also Read: चंद्रयान-3 की सफलता से खुलेंगे ये राज, चंद्रमा पर मानव जीवन के लिए होगा अहम

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola