MP Election 2023: ‘हार को देख कर रावण..कुंभकर्ण, मेघनाद को उतार दिया’, BJP की दूसरी सूची पर कांग्रेस का तंज

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मध्यप्रदेश में BJP की दूसरी लिस्ट पर तंज कसते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम’. 18 सालों में मध्यप्रदेश को भाजपा की सरकार ने बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया. ये बात प्रदेश की जनता के साथ साथ भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी जान रहा है.

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को कुल 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की. जिसमें चौंकाते हुए 3 केंद्रीय मंत्री (नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते) और 4 सांसदों (राकेश सिंह, गणेश सिंह, रीति पाठक और उदय प्रताप सिंह) को मैदान पर उतारा है. इधर बीजेपी की सूची को लेकर कांग्रेस ने जमकर निशाना साधा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और बीजेपी पर निशाना साधा.

हार को सामने देख रावण…कुंभकर्ण, मेघनाद को उतारा…

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी की दूसरी सूची को लेकर तंज कसते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए. कांग्रेस ने रामायण का उदाहरण देते हुए लिखा, हार को सामने देख कर रावण ने कुंभकर्ण, अहिरावण, मेघनाद सबको उतार दिया था…बस यही दूसरी लिस्ट में हुआ है.

‘हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम’

मध्यप्रदेश में BJP की दूसरी लिस्ट पर तंज कसते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम’. 18 सालों में मध्यप्रदेश को भाजपा की सरकार ने बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया. ये बात प्रदेश की जनता के साथ साथ भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी जान रहा है. इसीलिए 15 दिन पहले श्रीमान अमित शाह और कल मोदी जी ने शिवराज जी के नाम और काम से किनारा कर लिया. ये बात शिवराजसिंह जी को मन ही मन बहुत सालती थी. दूसरी ओर सिंधिया जी भी अपनी लोकसभा की हार तथा अपने क्षेत्र में लगातार स्थानीय निकायों की हार से भी हताश थे. बस दोनों नेताओं ने सोचा अपने सभी प्रतिद्वंदियों को ठिकाने लगाने का मन बनाया. केंद्रीय नेतृत्त्व को शिवराज और महाराज ने बताया कि मध्यप्रदेश में जीर्णशीर्ण हो चुकी सत्ता की डूबती नाव की पतवार को अब नरेंद्र तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गनसिंह कुलस्ते ,कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह की जरूरत है. मगर असल में शिवराज और महाराज की मंशा ,हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम की है, ये साफ है. इस बात को कैलाश विजयवर्गीय ने एक इंटरव्यू में कहा भी कि हमको टिकिट देकर केंद्रीय नेतृत्त्व ने चौंका दिया. कांग्रेस का भय भाजपा को कैसे सताता है, ये साफ है! खरगे, राहुल गांधी, कमलनाथ जी के व्यक्तित्व का खौफ देखिए, मध्यप्रदेश की बहादुर जनता का आक्रोश देखिये. एक मुख्यमंत्री, तीन केंद्रीय मंत्री सहित 7 सांसद, एक राष्ट्रीय महासचिव, मगर फिर भी सत्ता नहीं बच पाएगी.

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नाम बड़े और दर्शन छोटे : कमलनाथ

बीजेपी की दूसरी सूची पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा, दूसरी लिस्ट पर एक ही बात फिट है नाम बड़े और दर्शन छोटे. भाजपा ने मप्र में अपने सांसदों को विधानसभा की टिकट देकर साबित कर दिया है कि भाजपा न तो 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत रही है, न 2024 के लोकसभा चुनाव में. इसका सीधा अर्थ ये हुआ कि वो ये मान चुकी है कि एक पार्टी के रूप में तो वो इतना बदनाम हो चुकी है कि चुनाव नहीं जीत रही है, तो फिर क्यों न तथाकथित बड़े नामों पर ही दांव लगाकर देखा जाए. अपने को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहनेवाली भाजपा को जब आज ये दिन देखने पड़ रहे हैं कि उसको लड़वाने के लिए उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे हैं, तो फिर वोट देने वाले कहाँ से मिलेंगे. भाजपा आत्मविश्वास की कमी के संकटकाल से जूझ रही है. अबकी बार भाजपा अपने सबसे बड़े गढ़ में, सबसे बड़ी हार देखेगी. उन्होंने कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कहा, कांग्रेस भाजपा से दोगुनी सीट जीतने जा रही है. भाजपा की डबल इंजन की सरकार डबल हार की ओर बढ़ रही है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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