झुग्गियो में रहने वाले बच्चों का जीवन संवार रही बिभर्ते एनजीओ, देखें तस्वीरें

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Dec 2022 10:18 PM

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बिभर्ते एनजीओ लगतार 5 साल से समाज के सबसे निचले तबके को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी. इसी कड़ी में आज यानी रविवार को गगन जैन और उनकी पत्नी की मदद से पाठशाला के करीब 80 बच्चों को स्कूल ड्रेस का वितरण किया गया.

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बिभर्ते एनजीओ अपने बिभर्ते पाठशाला के माध्यम से झुग्गियो में रहने वाले गरीबी रेखा से निचे के बच्चों का भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है.

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इसी कड़ी में आज यानी रविवाक को गगन जैन और उनकी पत्नी की मदद से पाठशाला के करीब 80 बच्चों को स्कूल ड्रेस का वितरण किया गया.

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बिभर्ते एनजीओ लगतार 5 साल से समाज के सबसे निचले तबके को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी.

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बिभर्ते एनजीओ के संस्थापक श्री मोहन सिंह ने बताया कि एनजीओ शिक्षा के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण पर भी लगातार काम कर रही है.

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बिभर्ते एनजीओ अपने नारी रक्षार्थ मुहीम के तहत अगले 5 सालों में समाज के अलग अलग वर्ग, झुग्गियो व गांवों के लगभाग 200000 लड़कियों और महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने वाली है और अभी तक लगभाई 10000 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चूका है.

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बिभर्ते एनजीओ गुड टच, बैड टच और Posco Act जागरूकता पर भी काम कर रही है.

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आज दिनांक 11 Dec 2022 को वसुन्धरा गाजियाबाद स्थित बिभर्ते पाठशाला में एनजीओ के सदस्य, अनुपम कुमारी, शीतल रस्तोगी, प्रीति सिंह, सुनीता सक्सेना, सचिन केशरी, बंदिता जी और प्रियंका स्कूल ड्रेस वितरण में शामिल हुई.

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बिभर्ते एनजीओ पाठशाला में झुग्गियों के बच्चों को बेसिक शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर शिक्षा, संगीत शिक्षा ,संस्कृत शिक्षा ,आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाता है, और साथ साथ उनका हर महीने बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से स्वास्थ्य जांच भी कराया जाता है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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