क्या बड़े संकट की ओर बढ़ रहा असम-मेघालय तनाव? शिलॉन्ग हिंसा के बाद रोड ब्लॉकेड से सप्लाई पर संकट

Updated:
विज्ञापन

शिलॉन्ग हिंसा के बाद रोड ब्लॉकेड (Photo/X)

मेघालय के शिलॉन्ग में हिंसा के बाद असम-मेघालय सीमा पर तनाव बढ़ गया है. रोड ब्लॉकेड के कारण डीजल-पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रुकने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन

मेघालय के शिलॉन्ग में में 19 अगस्त को हुई हिंसा के बाद असम-मेघालय सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है. 20 अगस्त को जॉराबाट-बरनिहाट कॉरिडोर पर रोड ब्लॉक कर दिया गया और गाड़ियों के आवाजाही रोक दी गई. इस रोड ब्लॉकेड के कारण मेघालय में डीजल-पेट्रोल जैसे जरूरी सामान की सप्लाई ठप होने की आशंका बढ़ गई है.

विज्ञापन

क्यो शुरू हुआ रोड ब्लॉकेड?

19 अगस्त को शिलॉन्ग में Khasi Students' Union (KSU) की बाइक रैली के दौरान हिंसा हुई. पुलिस के अनुसार इस हिंसा में 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें असम नंबर के वाहन भी शामिल थे. जिसके बाद 20 अगस्त को असम के टैक्सी/कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों ने Jorabat और Khanapara में Meghalaya-registered वाहनों को रोकना शुरू किया.

इसके जवाब में मेघालय की तरफ भी बारापानी में असम नंबर वाले वाहनों की आवाजाही रोकने की खबर सामने आई. यानी मामला अब एकतरफा ब्लॉकेड के बजाय दोनों तरफ की नाकेबंदी तक पहुंच गया है. दूसरे दिन 21 अगस्त को भी रोड ब्लॉकेड जारी रहा और 22 अगस्त तक स्थित अभी सामान्य नहीं हुई है.

सीमा पार करने में यात्रियों को हो रही है परेशानी

रोड ब्लॉकेड के कारण सबसे ज्यादा जॉराबाट-बरनिहाट कोरिडोर प्रभावित हुआ है. यह रास्ता गुवाहाटी को शिलॉन्ग और मेघालय के दूसरे हिस्सों से जोड़ता है. जिससे टैक्सी, ट्रक और दूसरे कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है और गुवाहाटी और शिलॉन्ग के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. कई वाहन सीमा के आसपास फंसे रह जा रहे हैं.

किन सामानों की सप्लाई प्रभावित हो रही है?

मेघालय अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए असम से आने वाले ट्रकों पर निर्भर है. इनमें खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल, रोजमर्रा की जरूरत का सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं शामिल हैं. ट्रांसपोर्टरों द्वारा गुड्स ट्रकों की आवाजाही रोकने से इन सामानों की सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने की आशंका है.

पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर बड़ा असर

रोड ब्लॉकेड का सबसे बड़ा असर अब ईंधन और जरूरी सामान की सप्लाई पर दिखाई दे रहा है. The Shillong Times की रिपोर्ट के मुताबिक, मेघालय जाने वाले पेट्रोलियम टैंकरों को असम के Betkuchi IOCL, HPCL और Numaligarh BPCL टर्मिनलों से लोड करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. इसके चलते मेघालय में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

हालांकि पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि उनके पास करीब एक सप्ताह तक की मांग पूरी करने लायक स्टॉक मौजूद है. मेघालय सरकार ने भी स्थिति का समाधान निकालने के लिए संबंधित मजदूर यूनियन से बातचीत शुरू की है.

ये भी पढ़ें: संभल हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साटा भागा दुबई, इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

रैली के दौरान हुई थी हिंसा

Khasi Students' Union (KSU) ने राज्य सरकार के सामने 5 मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया था. जिसमें स्थानीय/आदिवासी लोगों के अधिकारों की सुरक्षा, भर्ती प्रक्रिया में सुधार, शामिल थे. इस पर सरकार को दिए गए 15 दिन के अल्टीमेटम की अवधि खत्म होने के बाद संगठन ने 19 अगस्त को ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली निकाली.

इस रैली के दौरान स्थिति बिगड़ गई. अलग-अलग इलाकों में वाहनों में तोड़फोड़, सरकारी वाहनों को नुकसान और आगजनी की घटनाएं हुईं. हालांकि KSU ने हिंसा में संगठन की सीधी भूमिका से इनकार किया है और कहा है कि आंदोलन में असामाजिक/नकारात्मक तत्व घुस आए थे.

हिंसा के दौरान असम नंबर वाले कुछ वाहनों को निशाना बनाए जाने के बाद असम के टैक्सी और कमर्शियल वाहन ऑपरेटरों ने विरोध शुरू किया। इसके बाद खानापारा और जॉराबाट से मेघालय जाने वाले वाहनों को रोकने की नाकेबंदी शुरू हुई.

ये भी पढ़ें: कतर की सप्लाई अटकी तो बढ़ी मुश्किल, भारत ने 2022 के बाद खरीदी सबसे महंगी LNG

पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना हुई

तनाव इसके बाद भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ. PTI और अन्य मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक 21 अगस्त को मेघालय में पेट्रोल बम फेंकने और सरकारी वाहनों में आग लगाने की घटनाएं भी सामने आईं. इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी, लेकिन इससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola