देशभर में बढ़ रहा इन्फ्लूएंजा-A वायरस, H1N1 कितना खतरनाक? जानें इसके शुरुआती लक्षण

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डॉक्टर्स (File Photo)

देश भर में H1N1 के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर बड़े शहरों में. जानिए इस गंभीर फ्लू के लक्षण, यह कितना खतरनाक हो सकता है, और बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.

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मानसून के बीच देश के कई हिस्सों में H1N1 (स्वाइन फ्लू) और इन्फ्लूएंजा-A के मामले बढ़ रहे हैं. दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में तेज बुखार, खांसी और सांस से जुड़ी शिकायतों के साथ अस्पतालों की OPD में मरीजों की संख्या बढ़ी है. ऐसे में लोगों के बीच इस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है. वहीं, बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली में स्थिति और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा भी की है.

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दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले

दिल्ली में 20 अगस्त 2026 तक H1N1 के कुल 1,777 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अकेले 20 अगस्त को 114 नए H1N1 मामले सामने आए. उसी दिन दिल्ली में सभी तरह के इन्फ्लूएंजा के 159 नए मामले दर्ज हुए. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इस साल अब तक कुल 2,392 Influenza-A मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 H1N1 संक्रमण हैं.

इससे पहले अगस्त की शुरुआत में दिल्ली में 1,344 H1N1 मामले सामने आए थे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले दर्ज किए गए थे. उस समय मामलों में करीब छह गुना बढ़ोतरी बताई गई थी. बाद के दिनों में आंकड़ा बढ़कर 1,777 हो गया.

केंद्र सरकार ने की स्थिति की समीक्षा

मामलों में बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 21 अगस्त को दिल्ली में H1N1 और मौसमी इन्फ्लूएंजा की स्थिति की समीक्षा की. बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य मंत्रालय तथा दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

समीक्षा में इन्फ्लूएंजा की निगरानी, संक्रमण के ट्रेंड, टेस्टिंग और लैब सर्विलांस तथा अस्पतालों की तैयारियों पर चर्चा हुई. सरकार ने शुरुआती पहचान और समय पर इलाज पर जोर दिया है.

मुंबई और बेंगलुरु में भी बढ़ रहे हैं मामले?

दिल्ली के अलावा मुंबई और बेंगलुरु में भी H1N1 और अन्य फ्लू जैसे संक्रमणों में बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आई है. बेंगलुरु के Clarence High School में 500 से ज्यादा छात्रों और कई कर्मचारियों में बुखार, खांसी और सर्दी जैसे लक्षण सामने आए थे. जिसके बाद स्कूल ने कुछ समय के लिए ऑफलाइन कक्षाएं बंद कर दी थीं. हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार H1N1 की पुष्टि केवल दो छात्रों में हुई थी.

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H1N1 कितना खतरनाक है?

H1N1, इन्फ्लूएंजा-A वायरस का एक प्रकार है. ज्यादातर लोगों में फ्लू के लक्षण हल्के या मध्यम हो सकते हैं और वे आराम तथा सामान्य देखभाल से ठीक हो जाते हैं. लेकिन कुछ लोगों में इन्फ्लूएंजा गंभीर हो सकता है और निमोनिया या सांस से जुड़ी दूसरी समस्याएं पैदा कर सकता है.

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, डायबिटीज या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में खतरा अधिक हो सकता है. ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जल्द संपर्क करना बेहतर है.

H1N1 के क्या हैं लक्षण?

H1N1 में आमतौर पर फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. जिसमें बुखार या बुखार जैसा महसूस होना, खांसी, गले में खराश, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, थकान और कमजोरी, नाक बहना या बंद होना शामिल हैं. वहीं, हर मरीज में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है.

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कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर फ्लू के लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं, सांस लेने में परेशानी हो रही है, मरीज की हालत बिगड़ रही है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए. गंभीर मामलों में समय पर इलाज खतरे को कम करने में मदद कर सकता है.

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

फ्लू जैसे संक्रमण से बचने के लिए बीमार होने पर घर पर रहना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, हाथों की साफ-सफाई रखना और बीमार व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचना उपयोगी सावधानियां हैं. भीड़भाड़ वाली जगहों पर खासकर संक्रमण बढ़ने के दौर में अतिरिक्त सावधानी बरतना भी मददगार हो सकता है.


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