जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट से 100 मुकदमे रिकॉल, सुशील मूंछ-चीनू पंडित से जुड़े केस भी शामिल

Updated:
विज्ञापन

जज रवि कुमार दिवाकर. फोटो - सोशल मीडिया

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट से करीब 100 महत्वपूर्ण मुकदमों को दूसरी अदालतों में भेज दिया गया है. इनमें कुख्यात गैंगस्टर सुशील मूंछ और चीनू पंडित जैसे बड़े नामों से जुड़े गंभीर मामले भी शामिल हैं. इस अचानक हुए ट्रांसफर के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे न्यायिक हलकों में हलचल मची हुई है.

विज्ञापन

मुजफ्फरनगर में फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत से करीब 100 मुकदमों को रिकॉल कर दूसरी अदालतों में भेजे जाने से न्यायिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. इनमें कुख्यात गैंगस्टर सुशील मूंछ, चीनू पंडित और शौकीन गैंग से जुड़े हत्या समेत कई गंभीर मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं. खास बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जज दिवाकर की अदालत पिछले 5 महीनों में 9 मामलों में 22 दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर सुर्खियों में रही है. हालांकि, मुकदमों के ट्रांसफर की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है.

विज्ञापन

सुशील मूंछ और चीनू पंडित के केस भी शामिल

रिकॉल किए गए मामलों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुशील मूंछ, शौकीन गैंग और चीनू पंडित से जुड़े हत्या समेत अन्य गंभीर मामले भी बताए जा रहे हैं. सुशील मूंछ से जुड़े करीब 10 से 12 हत्या के मुकदमों की सुनवाई पहले जज दिवाकर की अदालत में चल रही थी. इसके अलावा बागपत में एसटीएफ मेरठ द्वारा मारे गए बदमाश विपुल खूनी से जुड़ा मुकदमा भी इसी कोर्ट में विचाराधीन बताया गया है.

5 महीने में 22 दोषियों को फांसी

जज रवि कुमार दिवाकर पिछले करीब 5 महीनों में अपने सख्त फैसलों को लेकर चर्चा में रहे हैं. उनकी अदालत ने नौ अलग-अलग मामलों में कुल 22 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इनमें हत्या और अन्य गंभीर आपराधिक मामले शामिल रहे. तेजी से हुई सुनवाई और कठोर सजा के कारण उनके फैसलों की काफी चर्चा हुई.

पुराने मामलों की भी चल रही थी सुनवाई

अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में वर्ष 2007, 2011, 2013, 2014, 2015-16, 2017, 2019-2020 और 2026 तक के हत्या के कई केसों की सुनवाई चल रही थी. इनमें सुशील मूंछ पर ही करीब 10 से 12 हत्या के मुकदमे होने की बात सामने आई है. शौकीन गैंग के सदस्य एवं उसके भाई शाहनवाज को हाल ही में फांसी की सजा सुनाई गई है.

रिकॉल की वजह अभी साफ नहीं

फिलहाल करीब 100 मुकदमों को रिकॉल करने के पीछे का आधिकारिक प्रशासनिक या न्यायिक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है. इसलिए इसे जज दिवाकर के फैसलों से जोड़कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. आधिकारिक आदेश और मुकदमों की पूरी सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन मामलों को किस आधार पर दूसरी अदालतों में स्थानांतरित किया गया है.

ये भी पढ़ें: पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े सेप्टिक टैंक में फेंके, दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी पति की जमानत याचिका की खारिज


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola