संभल हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साटा भागा दुबई, इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस
संभल हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक साटा
संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मास्टरमाइंड गैंगस्टर शारिक साटा के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. पुलिस के अनुसार, साटा दुबई में छिपा है और उसे भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.
UP Crime News : संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और भगोड़े गैंगस्टर शारिक साटा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. पुलिस के अनुसार, साटा फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है और उसे भारत लाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं.
सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा
24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के अदालत के आदेश पर सर्वे के दौरान प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव हो गया था. इसके बाद संभल में हालात बिगड़ गए. पथराव, आगजनी और फायरिंग की घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 30 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. पुलिस जांच के दौरान शारिक साटा का नाम इस हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया. इसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की गई.
पहले ही घोषित हो चुका है भगोड़ा
पुलिस के मुताबिक, अदालत शारिक साटा को पहले ही भगोड़ा अपराधी घोषित कर चुकी है. उसकी संपत्ति की कुर्की के लिए भी कार्रवाई शुरू की गई थी. इसके अलावा उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया जा चुका है. संभल के तत्कालीन एसपी और वर्तमान में बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीबीआई से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था.
फर्जी पासपोर्ट से दुबई भागने का आरोप
पुलिस के अनुसार, शारिक साटा फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भागकर दुबई पहुंचा था. उसके परिवार के सदस्यों के भी दुबई आने-जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी. पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी. इसके बाद पुलिस ने सीबीआई को साटा से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई. सीबीआई ने इंटरपोल के साथ समन्वय कर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया.
अब प्रत्यर्पण की कोशिश होगी तेज
रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शारिक साटा का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई आसान होगी. पुलिस का कहना है कि जिस भी देश में उसके मौजूद होने की जानकारी मिलेगी, वहां की एजेंसियों के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर भारत लाने की कोशिश की जाएगी. पुलिस का उद्देश्य उसे संभल हिंसा के मामले के साथ-साथ उसके खिलाफ दर्ज अन्य आपराधिक मामलों में भी कानून के सामने पेश करना है.
55 से 60 आपराधिक मामलों में नाम
पुलिस के मुताबिक, शारिक साटा के खिलाफ पहले से ही करीब 55 से 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें वाहन चोरी समेत संगठित अपराध से जुड़े कई मामले शामिल हैं. आरोप है कि वह विदेश में रहकर उत्तर प्रदेश और पूरे एनसीआर में आपराधिक गतिविधियों का नेटवर्क संचालित कर रहा था.
क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल की ओर से दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजा जाने वाला अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है. इसके जरिए किसी ऐसे व्यक्ति का पता लगाने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने में मदद मांगी जाती है, जो अभियोजन या सजा के लिए वांछित हो. हालांकि, रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता. संबंधित देश के कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाती है.
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