लखनऊ हत्याकांड: पत्नी को गोली मारने के बाद ऑटो चालक को गन पॉइंट पर ले गया मानस
गोली मारने के बाद ऑटो चालक को गन पॉइंट पर ले गया मानस
UP Crime: लखनऊ के गोमतीनगर में बैंककर्मी दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पति मानस बाजपेयी ने न सिर्फ अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या की, बल्कि वारदात के बाद एक ऑटो चालक को भी गन पॉइंट पर ले लिया. पुलिस ने मानस के घर से तीन हथियार भी बरामद किए हैं.
UP Crime: लखनऊ के गोमतीनगर में बैंककर्मी दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं. पुलिस के मुताबिक, बैंक अफसर मानस बाजपेयी वारदात से पहले एक परिचित ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज के साथ बैंक पहुंचा था. बैंक के बाहर दिव्या से विवाद के दौरान मानस ने कथित तौर पर उस पर हमला किया. मुकेश ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन मानस ने हथियार दिखाकर उसे भी डराया और इसके बाद दिव्या को गोली मार दी.
वारदात के बाद ऑटो चालक को दी धमकी
पुलिस पूछताछ में ऑटो चालक ने बताया कि गोली चलने के बाद वह वहां से निकलना चाहता था, लेकिन मानस ने उसे रोक लिया. हथियार के बल पर उसे दोबारा ऑटो चलाने के लिए मजबूर किया गया. भयभीत चालक मानस को हुसड़िया चौराहे के पास उसके घर तक लेकर गया. वहां पहुंचने के बाद उसने ऑटो रोका और मौका मिलते ही वहां से निकल गया. पुलिस ने मुकेश को हिरासत में लेकर घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूछताछ की है.
घर से तीन हथियार मिलने से बढ़ा शक
जांच के दौरान मानस के घर से दो पिस्तौल और एक तमंचा बरामद होने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार उसे किसने उपलब्ध कराए थे. अधिकारियों को आशंका है कि घटना अचानक नहीं हुई थी, बल्कि मानस पहले से तैयारी करके पहुंचा था. इसी सिलसिले में पुलिस हथियारों की खरीद, उनसे जुड़े लोगों और संभावित आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है. उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.
बैंक पहुंचने से पहले ही हत्या की तैयारी?
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि मानस कथित तौर पर दिव्या से बातचीत करने के बजाय हत्या के इरादे से बैंक पहुंचा था. उसके पास एक से अधिक हथियार होने की वजह से जांच एजेंसियों को साजिश और पूर्व तैयारी का संदेह है. पुलिस मानस की कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले उसने किन लोगों से संपर्क किया था.
बैंक गार्ड की भूमिका पर भी उठे सवाल
पूरी घटना बैंक के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है. फुटेज के मुताबिक, गोलीबारी और शोर की आवाज सुनकर बैंक का सुरक्षा गार्ड सबसे पहले बाहर आया था. उसके पास बंदूक भी थी, लेकिन मानस के हाथ में हथियार देखकर वह पीछे हट गया. इसके बाद बैंक के अन्य कर्मचारी भी डर के कारण आगे नहीं बढ़े. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है और यह भी जांच रही है कि मौके पर मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया क्या रही.
पुलिस को मानस तक पहुंचने में ऐसे मिली जानकारी
वारदात के बाद जब पुलिस बैंक पहुंची तो कर्मचारियों से पूछताछ की गई. शुरुआत में किसी ने दिव्या के पति का नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताया. बाद में पूछताछ के दौरान दो बैंककर्मियों ने मानस का नाम और उसके रहने की जानकारी दी. पुलिस उसकी लोकेशन तलाश ही रही थी कि हुसड़िया इलाके में गोली चलने की सूचना मिल गई. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि मानस ने अपनी बहन तूलिका की भी हत्या कर दी थी और इसके बाद आत्महत्या कर ली. अब पुलिस हथियारों के स्रोत और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.
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