Assam Flood: बाढ़ से असम में भयंकर तबाही, अब तक 107 लोगों की मौत, 8.4 लाख से ज्यादा प्रभावित

Published by : Pritish Sahay Updated At : 14 Jul 2024 4:46 PM

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Assam Flood | PTI

Assam Flood: असम में बाढ़ से तबाही मची हुई है. पूरा प्रदेश बाढ़ के कारण पानी-पानी हो गया है. बाढ़ से 20 जिलों में 8.4 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं. बाढ़ के कारण 8.4 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं.

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Assam Flood: असम बाढ़ से हलकान है. पूरा प्रदेश जलमग्न है. हर तरफ पानी-पानी हो गया है. बाढ़ के कारण असम में अब तक 107 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, 8.4 लाख लोग प्रभावित है. असम में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर मेरे गांव में दिख रहा है. शनिवार को धेमाजी जिले के गोगामुख राजस्व क्षेत्र में एक शख्स की मौत हो गई. इसके साथ ही इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बिजली गिरने से संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा 107 हो गया है. असम के बारपेटा, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट, हैलाकांडी, मोरीगांव, नगांव, समेत कई और जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है.

कछार और मोरीगांव सबसे ज्यादा प्रभावित
असम में कछार और मोरीगांव में सबसे ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. कछार में 1.5 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा धुबरी और नागांव में बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही मची हुई है. जिला प्रशासन 13 जिलों में 221 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है. इस राहत शिविरों में 72 हजार से ज्यादा विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं. एएसडीएमए ने कहा कि फिलहाल प्रदेश में 1,705 गांव जलमग्न हैं और असम में 39,898.92 हेक्टेयर में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं.

बाढ़ के कारण प्रदेश में भारी नुकसान
असम के बारपेटा, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, ग्वालपाड़ा, कोकराझार, बोंगाईगांव, कछार, चराईदेव, गोलाघाट, मोरीगांव समेत कई इलाकों में बाढ़ से खासी तबाही मची है. बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल समेत अन्य बुनियादी ढांचे को बहुत नुकसान पहुंचा है. अभी निमाटीघाट, तेजपुर और धुबरी में ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसकी सहायक नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. एएसडीएमए ने कहा कि बराक नदी की सहायक नदी कुशियारा भी करीमगंज शहर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

बाढ़ से मिल सकती है राहत
हालांकि असम में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है. अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में जल जलस्तर तेजी से घट रहा है. गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने भी बराक घाटी और मध्य असम के कुछ जिलों में बारिश की भविष्यवाणी के अलावा कोई चेतावनी जारी नहीं की है. भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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