कुपवाड़ा में आतंकी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ठिकानों पर दागे गोले, देखें Video

Updated at : 05 Mar 2020 7:56 PM (IST)
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कुपवाड़ा में आतंकी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ठिकानों पर दागे गोले, देखें Video

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सेना की ओर से आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन कर लगातार कोशिश की जा रही है. गुरुवार को भारतीय सेना ने इन घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और तोप के गोले दागे हैं.

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श्रीनगर : भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर के ठीक सामने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर एंटी टैंक मिसाइलें दागी हैं. समाचार एजेंसी एएनआई ने भारतीय सेना के सूत्रों के हवाले से वीडियो के साथ खबर दी है कि सेना के जवानों ने हाल ही में पाकिस्तानी सेना की चौकियों को निशाना बनाने के लिए एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों ओर तोप के गोलों का इस्तेमाल किया है. भारतीय सेना की ओर से यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए लगातार की जा रही गोलीबारी के जवाब में की गयी है.

भारतीय सेना के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन पहले मुकाबले काफी बढ़ गया है. पाकिस्तानी सेना ने फरवरी महीने में आठ तारीख को बिना किसी वजह के ही संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए नियंत्रण रेखा पर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. इस दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा मोर्टार भी दागा गया था, जिसमें एक सैनिक शहीद हो गया और तीन अन्य घायल हो गये थे.

फरवरी में ही चार तारीख को पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीजफायर का उल्लंघन किया था. बिना उकसावे के गोलाबारी की गयी थी. भारतीय सेना ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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