अस्पताल और स्कूल के साथ हम राम मंदिर भी बनवाएंगे, बोले राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवान राम पत्थर की मूर्ति नहीं, बल्कि हमारे देश की पहचान हैं. हम अस्पताल, स्कूल और उद्योग स्थापित करेंगे. हम मंदिर भी बनाएंगे.
अस्पताल, स्कूल और उद्योग स्थापित के साथ-साथ हम मंदिर भी बनाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में एक सम्मेलन में यह बात कही. उन्होंने कहा कि कुछ लोग, जो भगवान राम को नहीं समझ पाते, वे राम मंदिर की जगह अस्पताल या स्कूल बनाने का सुझाव देते हैं.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवान राम पत्थर की मूर्ति नहीं, बल्कि हमारे देश की पहचान हैं. हम अस्पताल, स्कूल और उद्योग स्थापित करेंगे. हम मंदिर भी बनाएंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र के प्रयासों से आज पूर्वोत्तर क्षेत्र दिल्ली और लोगों के ‘‘दिल’’ के करीब आ गया है.
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में असाधारण क्षमता वाले इन लोगों को सम्मानित करने का सिलसिला 2014 से ही शुरू हो गया था. मोदी जी के नेतृत्व में प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार, खास से आम लोगों को सम्मानित करने का जरिया बना. उन्होंने कहा कि हमें भी उदीयमान नये भारत को, अपने सम्मिलित प्रयासों से अभी बहुत ऊंचाई तक ले जाना है. नये भारत का यह संकल्प है, कि देश का हर एक नागरिक अपने समस्त अधिकार और कर्तव्य के साथ राष्ट्र निर्माण में संलग्न हो.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी मानते थे, कि हमारा समग्र राष्ट्रीय विकास उस दिन संभव हो सकेगा, जब पायदान पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक व्यवस्था की, और व्यवस्था तक उस व्यक्ति की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी, हम भी उसी राह पर चलते हुए, अपनी समस्त नीतियां, अपनी समस्त योजनाएं बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक सशक्त और समर्थ भारत का सपना तभी पूरा हो सकेगा, जब 140 करोड़ देशवासी अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ, अपनी पूरी ऊर्जा के साथ मन वचन और कर्म से राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए संकल्पित होंगे. ऐसे में देशवासियों को अधिक से अधिक सक्षम और समर्थ बनाना हमारा कर्तव्य है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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