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बाबा रामदेव बोले- डबल वैक्सीनेशन के बाद भी क्या डॉक्टर्स की मौत नहीं हुई, एक मौत को क्यों मुद्दा बनाते हो

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
योग गुरु बाबा रामदेव.
योग गुरु बाबा रामदेव.
फोटो : ट्विटर.

Yog Guru Baba Ramdev Allopathy Remarks Controversy योगगुरु बाबा रामदेव ने एक बार फिर एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर सवाल खड़ा करते हुए आयुर्वेद का सम्मान किए पर जोर दिया है. बाबा रामदेव ने कहा कि हमें वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से अपनी ऊर्जा को सही दिशा में ले जाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एलोपैथी के साथ ही आयुर्वेद व योगा को अपना हम कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को और भी मजबूत बना सकते है. बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज में इस्तेमाल की जा रहीं कुछ दवाओं पर बाबा रामदेव द्वारा सवाल उठाने जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था.

एलोपैथी पर दिए अपने कथित विवादित बयान को लेकर डॉक्टरों के निशाने पर आए बाबा रामदेव ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) पर पलटवार करते हुए दावा किया कि 98 प्रतिशत बीमारियों का इलाज आयुर्वेद से संभव है. उन्होंने कहा कि अपने बयान पर मैं माफी मांग चुका हूं और मैंने एलोपैथी पर दिया बयान भी वापस ले लिया है. बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने यह भी माना कि एलोपैथी की वजह से करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाई गई है. लेकिन, आयुर्वेद का भी सम्मान होना चाहिए.

न्यूज18 से विशेष बातचीत में योग गुरु बाबा रामदेव ने कोविड वैक्सीन के मुद्दे पर कहा कि एक व्यक्ति के मौत को मुद्दा बनाया जा रहा है. जबकि, दोनों वैक्सीन लेने के बाद कई डॉक्टर्स मर गए. एलोपैथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में महंगी दवाओं का चक्रव्यूह है और लोगों को लूटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे डॉक्टरों का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ चिकित्कों ने लूट मचा रखी है. रामदेव ने आगे कहा कि मेरे मन में किसी के लिए दुराग्रह नहीं है और मैं मानता हूं कि एलोपैथी ने करोड़ों जान बचाईं, लेकिन एलोपैथी में कई रोगों की दवाई नहीं है. उन्होंने एलोपैथी दवाओं के साथ योग को भी जरूरी बताया और कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से हमें मिलकर लड़ना होगा.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बाबा रामदेव कथित तौर पर एलोपैथी को एक स्टूपिड और दिवालिया साइंस बताते नजर आए हैं. जिसके बाद उन्हें कड़ा विरोध का सामना करना पड़ा. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी उनसे अपने बयान वापस लेने को कहा. जिसके बाद रामदेव ने रविवार को अपना बयान वापस ले लिया. हालांकि, अगले ही दिन उन्होंने भारतीय चिकित्सा संघ को खुला पत्र लिखकर 25 सवाल पूछे और कहा क्या एलोपैथी से बीमारियों से स्थायी रूप से छुटकारा मिल जाता है.

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