Air pollution in Delhi : दिल्ली में 18 नवंबर तक सभी स्कूल बंद, सरकार ने IMD के अलर्ट का दिया हवाला

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Air pollution in Delhi : दिल्ली में 18 नवंबर तक सभी स्कूल बंद, सरकार ने IMD के अलर्ट का दिया हवाला

New Delhi: Vehicles ply on a road amid low visibility due to a thick layer of smog, in New Delhi, Saturday, Nov. 05, 2022. Air quality in the national capital continues to remain in the ‘severe’ category. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI11_05_2022_000032A)

शिक्षा विभाग के आदेश में यह भी कहा गया है कि शीतकालीन अवकाश के शेष दिनों को कब शेड्‌यूल किया जाए इसपर फैसला बाद में किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब है इसलिए स्कूलों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है.

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Air pollution in Delhi school closed : दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों में सर्दी की छुट्टी पहले देने का आदेश जारी किया है. दिल्ली सरकार ने स्कूल प्रबंधन को यह आदेश दिया है कि वे नौ से 18 नवंबर तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश दें. गौरतलब है कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है.


मौसम विभाग ने गंभीर स्थिति की आशंका जताई

शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन जल्दी से जल्दी बच्चों के अभिभावकों को इस बारे में सूचित करें. शिक्षा विभाग के आदेश में यह भी कहा गया है कि शीतकालीन अवकाश के शेष दिनों को कब शेड्‌यूल किया जाए इसपर फैसला बाद में किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब है इसलिए स्कूलों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है. स्कूलों में ना तो बच्चे आएंगे और ना ही शिक्षक.आदेश में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि मौसम विभाग ने यह आशंका जताई है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति और भी बिगड़ सकती है. गौरतलब है कि सर्दी के बढ़ते ही दिल्ली में एक्यूआई 400 के करीब पहुंच गया है जो बहुत ही गंभीर स्थिति का सूचक है.

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स्माॅग टावर कल से करेंगे काम

दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज बताया कि उन्होंने दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए कल से ही स्माॅग टाॅवर को पूरी क्षमता के साथ काम करने का आदेश दिया है. साथ ही बायोमास बर्निंग को रोकने के लिए भी कई टीम गठित की गई है. गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो सुझाव दिए थे, उनपर भी काम हो रहा है और जल्दी ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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