Asaduddin Owaisi: वक्फ की संपत्तियों की जांच वाले आदेश पर भड़के ओवैसी, कहा- हिंदू मठों का भी हो सर्वे

Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एनआरसी और वक्फ बोर्ड के सर्वे में कोई अंतर नहीं है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार वक्फ की संपत्ति छीनना चाहती है.
Asaduddin Owaisi: उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच वाले आदेश पर सियासत तेज हो गई है. एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सर्वे का विरोध करते हुए कहा कि एनआरसी (NRC) और वक्फ बोर्ड (Waqf Board) के सर्वे में कोई अंतर नहीं है. ओवैसी ने कहा कि योगी सरकार वक्फ की संपत्ति छीनना चाहती है.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल करते हुए कहा कि एक ही समुदाय का सर्वे क्यों हो रहा है. ओवैसी ने कहा कि यूपी सरकार द्वारा केवल वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण क्यों किया जा रहा हैं. ऐसा हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड (Hindu Endowments Board) की संपत्तियों के लिए भी किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मदरसों के सर्वे के पीछे साजिश है, जो अब सामने आ रहा है. यूपी सरकार अनुच्छेद 300 (Right to property) का उल्लंघन कर रही है.
Why are you(UP Govt)conducting a survey of Waqf properties only? Do it for Hindu Endowments Board properties too. I was saying there's a conspiracy behind madrasas' survey. It's coming to the fore. UP govt is violating Article 300 (Right to property): AIMIM chief Asaduddin Owaisi pic.twitter.com/0DqhMyJh72
— ANI (@ANI) September 21, 2022
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि अगर किसी ने अवैध रूप से सरकारी संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत किया है, तो इसे कोर्ट में लड़ें, ट्रिब्यूनल में जाएं. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यूपी सरकार वक्फ संपत्ति को निशाना बना रही है और उसे छीनने की कोशिश कर रही है. इस तरह का लक्षित सर्वेक्षण बिल्कुल गलत है. हम इसकी निंदा करते हैं. यह मुसलमानों को सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहा है.
योगी सरकार ने मंगलवार को यूपी में मदरसों के सर्वे के साथ ही वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच कराने का फैसला लिया है. योगी सरकार ने 1989 के वक्त के वक्फ के एक शासनादेश को रद्द कर दिया. सरकार का कहना है कि 33 साल पहले एक गलत अध्यादेश जारी हुआ था और अब सरकार उस गलती को सुधार रही है. अब 1989 के बाद वक्फ में शामिल हुईं संपत्तियों की जांच कराई जाएगी और सभी पुरानी गलतियां सुधारी जाएगी.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




