चीन के साथ तनाव के बीच बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम’ का सफल परीक्षण, जानें इसकी खासियत

Edited by Amitabh Kumar
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मिसाइल के तीन सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद इसे सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पूर्व उपयोगकर्ता द्वारा किया गया यह पहला रात्रिकालीन परीक्षण था, जो इसकी सटीकता और इसपर विश्वसनीयता को मान्यता देता है.

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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि प्राइम का सफल परीक्षण किया. चीन के साथ तनाव के बीच मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के तट पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया. भारत ने परीक्षण कर देश के सामरिक महत्व की हथियार प्रणाली को मजबूती दी है.

बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि प्राइम को लेकर अधिकारियों ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सामरिक बल कमान ने 1,000 से 2,000 किलोमीटर (किमी) तक की मारक क्षमता वाली मिसाइल का पहला ‘प्री-इंडक्शन’ (सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पहले) का परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण ने सभी टारगेट को पूरा किया और इस तरह इसने इस हथियार को सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया.

चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच मिसाइल का परीक्षण

चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच मिसाइल का यह परीक्षण किया गया है जो कई मायनों में अहम है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम’ का डीआरडीओ ने ओडिशा तट पर स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सात जून को सफल परीक्षण किया. मिसाइल के तीन सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद इसे सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पूर्व उपयोगकर्ता द्वारा किया गया यह पहला रात्रिकालीन परीक्षण था, जो इसकी सटीकता और इसपर विश्वसनीयता को मान्यता देता है.

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यहां चर्चा कर दें कि अग्नि-5 की जद में चीन का सुदूर उत्तर क्षेत्र और यूरोप के कुछ क्षेत्र सहित पूरा एशिया आ जाएगा. अग्नि-1 से अग्नि-4 तक, मिसाइलों की रेंज 700 किमी से लेकर 3,500 किमी तक है और उन्हें पहले ही तैनात किया जा चुका है.

अग्नि प्राइम की खासियत

1. अग्नि प्राइम मिसाइल अग्नि सीरीज की ही नई जेनरेशन की मिसाइल है.

2. इस मिसाइल का वजन 11000 किलोग्राम है.

3. यह मिसाइल 2000 किलोमीटर की दूरी तक किसी भी टारगेट को मार गिराने की क्षमता रखती है. 34.5 फिट लंबी मिसाइल पर एक या मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) वारहेड लगाया जा सकता है.

4. यह मिसाइल एक साथ कई टारगेट को तबाह कर सकती है.

भाषा इनपुट के साथ

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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