न्यायालय ने गूगल से पूछा, क्या अश्लील वीडियो अपलोड करने से रोके जा सकते हैं?

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज इंटरनेट सेवा प्रदाता गूगल से जानना चाहा कि क्या वह यौन हिंसा जैसी अश्लील सामग्री वाले वीडियो वेबसाइट पर अपलोड करने से रोक सकता है. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने वेबसाइट पर इस तरह की अश्लील सामग्री की पहचान करने की […]
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज इंटरनेट सेवा प्रदाता गूगल से जानना चाहा कि क्या वह यौन हिंसा जैसी अश्लील सामग्री वाले वीडियो वेबसाइट पर अपलोड करने से रोक सकता है. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने वेबसाइट पर इस तरह की अश्लील सामग्री की पहचान करने की ‘आंतरिक व्यवस्था’ के बारे में गूगल से जानना चाहा और यह भी पूछा कि इसे रोकने के लिये वे क्या कर सकते हैं.
पीठ ने गूगल इंडिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी से जानना चाहा, ‘‘क्या आप इसे रोक नहीं सकते हैं? हम आपसे सिर्फ यही पूछ रहे हैं कि क्या आप इसे नहीं रोक सकते हैं?” सिंघवी ने कहा कि इन मामलों पर कंपनी बिना शर्त सहयोग करना चाहती है और उन्हें वेबसाइट पर पोस्ट की गयी ऐसी किसी भी सामग्री के बारे में सूचित किया जाना चाहिए ताकि वे कार्रवाई कर सकें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




