ePaper

बीएमसी चुनाव : भाजपा-शिवसेना की टूट से आक्रामक हुए कांग्रेस-राकांपा

Updated at : 28 Jan 2017 7:19 AM (IST)
विज्ञापन
बीएमसी चुनाव : भाजपा-शिवसेना की टूट से आक्रामक हुए कांग्रेस-राकांपा

मुंबई : बृहन्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित महाराष्ट्र के 10 नगर निगमों और 25 जिला परिषदों के चुनाव के लिए भाजपा से नाता तोड़ चुकी शिवसेना को चुनौती देते हुए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी से कहा कि वह केंद्र और महाराष्ट्र की राजग सरकार से हट […]

विज्ञापन

मुंबई : बृहन्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित महाराष्ट्र के 10 नगर निगमों और 25 जिला परिषदों के चुनाव के लिए भाजपा से नाता तोड़ चुकी शिवसेना को चुनौती देते हुए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी से कहा कि वह केंद्र और महाराष्ट्र की राजग सरकार से हट जाए. शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र की राजग सरकार में गठबंधन साझेदार है.

कांग्रेस की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि दोनों सरकारों में शामिल शिवसेना के सभी मंत्रियों को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूट चुका है. शिवसेना के नेता रह चुके निरुपम ने पत्रकारों को बताया, ‘‘यदि आप गठबंधन साझेदार नहीं हैं तो आप सरकार में क्यों बने हुए हैं ? निकाय चुनावों के लिए गठबंधन तोड़ना एक छलावा है.

राज्य और केंद्र की सरकारों में शामिल शिवसेना के सभी मंत्रियों को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.’ उद्धव ठाकरे ने कल कहा था कि निकाय चुनावों के लिए भाजपा के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन नहीं होगा. उन्होंने बीएमसी सहित 10 नगर निगमों के लिए अगले महीने होने जा रहे चुनाव में शिवसेना ने अकेले दम पर चुनाव लडने का ऐलान किया था. मुंबई, पुणे, नासिक और नागपुर सहित अन्य नगर निगमों के लिए जहां 21 फरवरी को चुनाव होंगे, वहीं 25 जिला परिषदों के लिए 16 फरवरी और 21 फरवरी को चुनाव होंगे.
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘शिवसेना हमेशा भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करती है. भाजपा को शिवसेना के सभी मंत्रियों को बर्खास्त करने की पहल करनी चाहिए. क्या भाजपा में ऐसा करने की हिम्मत नहीं है ? गठबंधन तोड़ना एक बडी साजिश है.’ शिवसेना भाजपा के साथ पिछले दो दशकों से बीएमसी की सत्ता में रही है.
महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना कोटे से 11 मंत्री हैं, जबकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में शिवसेना का एक मंत्री है. निरुपम ने कहा कि यदि दोनों पार्टियां वाकई गठबंधन तोड़ चुकी हैं तो वे मुंबई के लोगों को लिखित में दें कि ‘‘वे अब गठबंधन सहयोगी नहीं हैं और दोनों सरकारों में कभी इस तरह नहीं रहेंगे.’ शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूटने पर राकांपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष सचिन अहीर ने कहा कि शिवसेना ने निकाय चुनावों में भले ही अकेले लड़ने का फैसला किया हो, लेकिन सरकार से समर्थन वापस लेने की उसमें हिम्मत नहीं है.
अहीर ने एक बयान में कहा, ‘‘यदि आप (शिवसेना-भाजपा) अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं तो आपको स्पष्ट करना होगा कि कल्याण डोंबिवली नगर निगम की तरह मुंबई में आपका चुनाव के बाद गठबंधन नहीं होगा.’
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola