ePaper

ACB से मिला क्लिन चिट, बोली पंकजा - मुझे बदनाम करने के लिए ली गयी थी सुपारी

Updated at : 22 Dec 2016 12:46 PM (IST)
विज्ञापन
ACB से मिला क्लिन चिट, बोली पंकजा - मुझे बदनाम करने के लिए ली गयी थी सुपारी

मुंबई : भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) से ‘चिक्की’ खरीद मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने आज कहा कि उनके खिलाफ आरोप उन्हें बदनाम करने की एक साजिश के तहत लगाये गये थे. पंकजा ने कहा, ‘मैंने कई बार कहा कि (चिक्की खरीद में गड़बड़ी) के आरोपों में कोई […]

विज्ञापन

मुंबई : भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) से ‘चिक्की’ खरीद मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने आज कहा कि उनके खिलाफ आरोप उन्हें बदनाम करने की एक साजिश के तहत लगाये गये थे. पंकजा ने कहा, ‘मैंने कई बार कहा कि (चिक्की खरीद में गड़बड़ी) के आरोपों में कोई दम नहीं है. विधानसभा में भी कई मौकों पर मैंने आरोपों का जवाब दिया है.’ महिला एवं बाल कल्याण मंत्री ने कहा, ‘जिन्होंने आरोप लगाये थे उन्हें ‘चिक्की’ खरीद में काफी गड़बडि़यां दिखीं जो (स्कूल के बच्चों में) बांटे तक नहीं गये थे.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे बदनाम करने के लिए सुपारी ली गयी थी.’

भाजपा नेता ने हालांकि उन लोगों का नाम नहीं लिया जो बदनाम करने में शामिल हैं. उन्होंने कहा, ‘एसीबी ने मुझे क्लीन चिट दी है. मैं आरोप मुक्त हो गयी हूं. मैं किसी भी गलत काम में शामिल नहीं थी.’ पंकजा ने कहा कि वह एसीबी के फैसले से खुश हैं और उनके रुख की पुष्टि हुई है.पंकजा ने कहा, ‘मेरे लोगों ने मेरे खिलाफ लगे आरोपों के बावजूद हमेशा मुझपर विश्वास किया। मेरे रुख की पुष्टि हुई है.’

क्‍या था आरोप

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने पिछले साल मंत्री के खिलाफ आरोप लगाते हुए एसीबी में शिकायत दर्ज करायी थी और जांच की मांग की थी. उन्होंने आरोपों को साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज भी सौंपे थे. पंकजा पर आरोप था कि उन्होंने स्कूली बच्चों के लिए ‘चिक्की’ (खाद्य पदार्थ), चटाइयों, नोटबुक, वॉटर फिल्टर आदि सामान की आपूर्ति के ठेके देने में प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया. पंकजा ने पूर्व में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.

दिवंगत केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा ने कहा था, ‘यह शब्दों का घोटाला है. मेरे खिलाफ लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.’ आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र की पिछली कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने यही सामान 408 करोड़ रुपये में खरीदा था.

एसीबी सरकार के दबाव में करती है काम : कांग्रेस

सावंत ने आरोप लगाया कि ‘एसीबी राज्य सरकार के दबाव में काम कर रही है. अगर वह स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकती तो उसे बंद कर देना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने 206 करोड़ रुपये के सामानों की खरीद के लिए 24 सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किये थे जो कि ‘अवैध’ थे.

सावंत ने कहा कि एसीबी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दबाव में पंकजा को क्लीन चिट दी. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने केवल उन्हीं लोगों के रुख को सुना जिनपर आरोप लगाये गयै थे और क्लीन चिट दे दी. सावंत ने एसीबी से अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने को कहा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola