कश्मीर मसला : भारत की इस चाल से पाकिस्तान को मिल सकती है मात?
Updated at : 13 Aug 2016 1:53 PM (IST)
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नयी दिल्ली : कश्मीर मसले को लेकर भारत ने अपनी रणनीति बदलने का निर्णय लिया है. बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में पैदा तनाव को लेकर सरकार असमंजस में थी. करीब महीने भर से जारी कर्फ्यू की वजह से घाटी में केंद्र सरकार के खिलाफ जबर्दस्त असंतोष है. सरकार ने इस मसले से […]
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नयी दिल्ली : कश्मीर मसले को लेकर भारत ने अपनी रणनीति बदलने का निर्णय लिया है. बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में पैदा तनाव को लेकर सरकार असमंजस में थी. करीब महीने भर से जारी कर्फ्यू की वजह से घाटी में केंद्र सरकार के खिलाफ जबर्दस्त असंतोष है. सरकार ने इस मसले से निपटने के लिए कल सर्वदलीय बैठक बुलायी थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके ) भी भारत का अभिन्न हिस्सा है. प्रधानमंत्री के इस बयान को सुरक्षा विश्लेषक अलग ढंग से देख रहे है. सुरक्षा विश्लेषक अजय सहनी ने बताया कि भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर का मुद्दा उठाकर कश्मीर मसले पर सालों से चले आ रहे विमर्श को बदल दिया है. अब अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू विमर्श में कश्मीर मुद्दे को अलग ढंग से देखा जायेगा. ऐसा माना जा रहा है. पीओके का मुद्दा अब भारत अंतराष्ट्रीय मंचों पर भी उठा सकता है.
उधर पाक अधिकृत कश्मीर में आजादी की मांग तेज पकड़ने लगी है. पीओके में पाक विरोधी नारे लगे है. स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन में अपने नेता बाबा जॉन की रिहाई की मांग की है . विरोध कर रहे लोगों ने पाकिस्तानी आर्मी के खिलाफ भी नारे लगाये है. ब्लूच नेता ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का यह बयान स्वागतयोग्य है.
पिछले दिनों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि "हमें उस दिन का इंतजार है जब कश्मीर पाक का हिस्सा होगा". कश्मीर का मुद्दा सालों से पाकिस्तान के चुनावी राजनीति को भी प्रभावित करती रही है. इधर पीओके में लगातार उठ रहे नारे से पाकिस्तान को इस पूरे मसले पर बैकफुट पर आना पड़ सकता है.
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