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सुप्रीम कोर्ट ने ''आप'' सरकार को फटकार, कहा ‘आप एसी चैंबर में बैठकर कोर्ट से आदेश चाहते हैं''

Updated at : 22 Feb 2016 11:53 AM (IST)
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सुप्रीम कोर्ट ने ''आप'' सरकार को फटकार, कहा ‘आप एसी चैंबर में बैठकर कोर्ट से आदेश चाहते हैं''

नयी दिल्ली : दिल्ली में जल आपूर्ति की बहाली के लिए सरकार के स्तर पर समस्या के समाधान के बजाय उच्चतम न्यायालय का रख करने पर केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए शीर्ष अदालत ने आज कहा कि ‘‘आप एसी चैंबरों में बैठे रहते हैं और चाहते हैं कि अदालत आदेश दे.” अदालत ने हरियाणा […]

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नयी दिल्ली : दिल्ली में जल आपूर्ति की बहाली के लिए सरकार के स्तर पर समस्या के समाधान के बजाय उच्चतम न्यायालय का रख करने पर केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए शीर्ष अदालत ने आज कहा कि ‘‘आप एसी चैंबरों में बैठे रहते हैं और चाहते हैं कि अदालत आदेश दे.” अदालत ने हरियाणा सरकार से दिल्ली सरकार की अत्यावश्यक सुनवाई वाली याचिका पर राष्ट्रीय राजधानी में जल आपूर्ति की बहाली का आवश्यक बंदोबस्त करने को कहते हुए यह टिप्पणी की. जाट आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के चलते जल आपूर्ति बाधित हो गयी है.

प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने हरियाणा सरकार से दो दिन में स्थिति रिपोर्ट देने के लिए कहा. पीठ में न्यायमूर्ति यू यू ललित भी शामिल हैं. पीठ शुरू में आप सरकार की याचिका को लेने की इच्छुक नहीं थी और उसने सरकार के स्तर पर मुद्दे के समाधान के बजाय शीर्ष अदालत में आने पर आप सरकार को फटकारा.

उन्होंने कहा, ‘‘सरकारों के स्तर पर समस्या के समाधान के बजाय आप उच्चतम न्यायालय में आ रहे हैं. आप उच्चतम न्यायालय से आदेश चाहते हैं. आप चाहते हैं कि सबकुछ तैयार मिले.” अदालत में दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा की मौजूदगी के संदर्भ में पीठ ने कहा, ‘‘आपके मंत्री क्षेत्र में जाने के बजाय अदालत में बैठे हैं. आप एसी चैंबर में बैठते हैं और चाहते हैं कि अदालत आदेश दे.” हालांकि दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील राजीव धवन के बार बार जोर देने पर पीठ ने हरियाणा सरकार से राजधानी में जल आपूर्ति बहाल करने के लिए जरुरी व्यवस्था करने को कहा.

हरियाणा की ओर से पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि स्थितियों को नियंत्रण में किया जा रहा है और वे यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि आज ही जल आपूर्ति बहाल हो जाए. शीर्ष अदालत ने आप सरकार की याचिका पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किये.

आप सरकार ने हरियाणा की मुनक नहर से पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग करते हुए दाखिल याचिका पर अत्यावश्यक रुप से सुनवाई के लिए कल शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था. जाट आरक्षण आंदोलन के चलते मुनक नहर पर आंदोलनकारियों के कब्जे के कारण पानी की आपूर्ति ठप है.

आप सरकार की याचिका में यह मांग भी की गयी है कि मुनक नहर से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार सेना भेजे. दिल्ली सरकार के स्थाई वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कल कहा था, ‘‘दिल्ली को तत्काल जलापूर्ति की जानी चाहिए क्योंकि यह लोगों की जीवन रेखा है.”

उन्होंने कहा था कि दिल्ली में सभी जल संयंत्र बंद हो गए हैं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने नहर को ‘‘कब्जे में ले लिया है.” मेहरा ने कहा था कि लुटियंस जोन और कई अन्य इलाकों को पानी नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा था, ‘‘सेना को सुनिश्चित करना चाहिए कि दिल्ली को तत्काल पानी मिले.” जाट आंदोलन के कारण हरियाणा से जलापूर्ति बाधित होने के कारण दिल्ली में जल संकट पैदा हो गया है.

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