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रेलवे ने शकूर बस्ती तोड़ने पर मानी अपनी गलती

Updated at : 16 Dec 2015 6:16 PM (IST)
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रेलवे ने शकूर बस्ती तोड़ने पर मानी अपनी गलती

नयी दिल्ली : शकूर बस्ती में 500 झोपड़ियों को गिराने पर रेलवे ने अपनी गलती मान ली. उन्होंने कहा कि यह बहुत गलत समय था जब बस्ती तोड़ने का फैसला लिया गया. ठंड से परेशान बस्ती से बेघर हुए लोगों को लेकर काफी राजनीति शुरू हुई थी आम आदमी पार्टी ने इसे लकेर काफी हंगामा […]

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नयी दिल्ली : शकूर बस्ती में 500 झोपड़ियों को गिराने पर रेलवे ने अपनी गलती मान ली. उन्होंने कहा कि यह बहुत गलत समय था जब बस्ती तोड़ने का फैसला लिया गया. ठंड से परेशान बस्ती से बेघर हुए लोगों को लेकर काफी राजनीति शुरू हुई थी आम आदमी पार्टी ने इसे लकेर काफी हंगामा किया था. दिल्ली सरकार ने भी केंद्र को इस कार्रवाई के बाद आड़े हाथों लिया था.

इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट के सामने रेलवे ने अपनी गलती मान ली है रेलवे ने कहा कि झोपड़ी गिराने का वक्त गलत था इस समय यह कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी. बेघर हुए लोग आज भी ठंड से परेशान है. ठंड से बचने के लिए कई तरह के उपाय किये जा रहे हैं राज्य सरकार और केंद्र सरकार बेघर हुए लोगों को राहत देने की कोशिश में है लेकिन उन्हें मिल रही सुविधाएं अभी भी कम है. हजारों लोग घर से बेघर खुले आसमान के नीचे रात बिताने के लिए मजबूर हैं.
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