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ललित मोदी व वसुंधरा राजे के बीच कारोबारी रिश्ते, प्रधानमंत्री ''मौनेंद्र'' तोडें चुप्पी, करें कार्रवाई : जयराम रमेश

Updated at : 29 Jun 2015 1:01 PM (IST)
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ललित मोदी व वसुंधरा राजे के बीच कारोबारी रिश्ते, प्रधानमंत्री ''मौनेंद्र'' तोडें चुप्पी, करें कार्रवाई : जयराम रमेश

नयी दिल्ली : राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर कांग्रेस ने आज आरोपों की बौछार कर दी. कांग्रेस की तरफ से जयराम रमेश ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में वसुंधरा पर आरोप लगाया कि पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी और वसुंधरा राजे के बीच गहरे व्यावसायिक संबंध रहे हैं. इतना ही नहीं दोनों ने मिलकर राजस्थान […]

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नयी दिल्ली : राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर कांग्रेस ने आज आरोपों की बौछार कर दी. कांग्रेस की तरफ से जयराम रमेश ने आज प्रेस कॉन्फ्रेस में वसुंधरा पर आरोप लगाया कि पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी और वसुंधरा राजे के बीच गहरे व्यावसायिक संबंध रहे हैं. इतना ही नहीं दोनों ने मिलकर राजस्थान की सरकारी संपत्ति को भी निजी बनाकर लाभ कमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है.

दोनों के बीच लेन-देने है. वसुंधरा ने सरकारी संपत्ति का लाभ ललित मोदी को लेने दिए जिसके बदले में उन्हें मुनाफे का हिस्सा मिलता रहा. इन आरोपों के दम पर कांग्रेस ने एक बार फिर वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग की और प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ने की अपील की.जयराम रमेश ने अपने संबंध में प्रधानमंत्री को मौनेंद्र संज्ञा देते हुए कहा कि वे अब मौन तोडें और वसंुधरा राजे को पद से हटायें. आइये जानते हैं कांग्रेस ने क्या – क्या लगाये आरोप :

ललित और वसुंधरा के बीच है लेन देने का रिश्ता
जयराम रमेश ने कहा, वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत का व्यवसायिक रिश्ता ललित मोदी से रहा है. इनकी कई कंपनियों में साझेदारी है. आनंदा हेरिटेड जो ललित मोदी की कंपनी है उनसे भी दोनों( वसुंधरा और दुष्यंत) के संबंध हैं. इसके अलावा नियंत हेरिजेट होटल प्राइवेट लीमिडेट में भी वसुंधरा और ललित मोदी का पैसा लगा है. नियंत के विषय में गौर करने वाली बात यह है कि यह कंपनी होटल नहीं बनाती बल्कि राज्स्थान की सरकारी संपत्ति पर निवेश करके लाभ कमाती है. सरकारी संपत्ति को राजस्थान की मुख्यमंत्री ने निजी लाभ कमाने का जरिया बना दिया है जो बिल्कुल गलत है
सरकारी संपत्ति पर कब्जे का आरोप
धौलापुर का महला एक सरकारी संपत्ति है और इसके हमारे पास दस्तावेज मौजूद है जो हमारी बात को साबित करते हैं. 1954, 1955, 1977,1980, 2010 पिछले 60 सालों में लगभग छह बार इन दस्तावेजों में दर्ज है कि धौलपुर का महल सराकरी संपत्ति है हर बार की जमाबंदी में भी इसका खुलासा किया गया है जो कांग्रेस की तरफ से नहीं राज्य सरकार की तरफ से राजस्व विभाग करता है. 1980 में वसुंधरा राजे के पति ने भी कोर्ट में बयान दिया था धौलपुर का महल सरकारी संपत्ति है. लेकिन राजस्थान सरकार ललित मोदी के साथ इन संपत्ति का निजी इस्तेमाल करके लाभ कमा रही है.
मॉरिशस के रास्ते से आया अवैध पैसा
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ललित मोदी ने मॉरिशस के रास्ते देश में अवैध रूप से 22 करोड़ रुपयेलाकर उसमें से 11 करोड़ रुपये वसुंधरा राजे और उनके बेटे की कंपनी में निवेश किया. जिसका खुलासा पहले ही किया जा चुका है.
ललित मोदी की मदद वसुंधरा ने की
जयराम रमेश ने ललित मोदी और वसुंधरा राजे के संबंधों को लेकर कहा कि उन्होंने लंदन में रहने के लिए ललित मोदी की मदद की इसके लिए उन्होंने सात पन्नों का गुप्त दस्तावेज लंदन के अधिकारियों को उपलब्ध कराया जिसमें उनके हस्ताक्षर थे.
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