निर्भया मामला: दोषी मुकेश की नयी चाल, फांसी से बचने के लिए अब कहा- वारदात के दिन दिल्ली में नहीं था
Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Mar 2020 12:54 PM
2012 Delhi gang rape: दोषी मुकेश ने नयी चाल चली है. उसने कोर्ट में अर्जी देकर अब कहा है कि वारदात के दिन वह दिल्ली में नहीं था.
2012 Delhi gang rape: निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड मामले के दोषी हरसंभव फांसी से बचने का प्रयास कर रहे हैं. इनमें से एक मुकेश सिंह अपनी मौत की सजा खारिज कराने के अनुरोध के साथ मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में पहुंचा है. उसने दावा किया है कि वह अपराध के दिन दिल्ली में नहीं था.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष दायर याचिका में दावा किया गया कि मुकेश को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था और उसे 17 दिसंबर, 2012 को दिल्ली लाया गया था. साथ ही कहा गया कि वह 16 दिसंबर को शहर में मौजूद नहीं था जब यह अपराध हुआ था. याचिका में यह भी आरोप लगाया कि मुकेश सिंह को तिहाड़ जेल के भीतर प्रताड़ित किया गया.
आपको बता दें कि पांच मार्च को निचली अदालत ने मामले के चार दोषियों – मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 20 मार्च की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी देने के लिए मृत्यु वारंट जारी किया था.
निर्भया गैंगरेप में फांसी की सजा रुकवाने के लिए दोषियों ने अब नया पैंतरा चला है. गैंगरेप के तीन दोषी अक्षय, पवन और विनय ने फांसी रोकने के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आइसीजे) में याचिका दायर की है. याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गयी है. दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि एनआरआइ और उनके संगठन इस मामले पर नजर बनाये हुए हैं. विभिन्न संगठनों की तरफ से याचिकाओं की प्रति मिली थी जिसमें कहा गया था कि इस मामले को इंटरनेशल कोर्ट के समक्ष उठाया जाना चाहिए.
चारों दोषियों के परिजनों ने अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है. इच्छामृत्यु मांगने वालों में दोषियों के बुजुर्ग माता-पिता, भाई-बहन और उनके बच्चे शामिल हैं. निर्भया के दोषियों के परिजनों ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि हम देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीड़िता के माता-पिता से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे अनुरोध को स्वीकार करें और हमें इच्छामृत्यु की अनुमति दें.
दोषी अक्षय कुमार सिंह का परिवार अगले दो दिन में उससे आखिरी मुलाकात कर सकता है. मुकेश, पवन और विनय अपने-अपने परिवारों से आमने-सामने की मुलाकात कर चुके हैं जबकि अक्षय का परिवार उससे मिलने अबतक नहीं आया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










