ePaper

निर्भया के दोषी मुकेश का फांसी तय, अब विनय ने लगायी दया की गुहार, आज अक्षय की याचिका पर सुनवाई

Updated at : 30 Jan 2020 6:41 AM (IST)
विज्ञापन
निर्भया के दोषी मुकेश का फांसी तय, अब विनय ने लगायी दया की गुहार, आज अक्षय की याचिका पर सुनवाई

नयी दिल्ली : निर्भया गैंगरेप केस के दोषी मुकेश सिंह की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार का खारिज कर दिया. इधर, निर्भया मामले के एक अन्य दोषी विनय ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई सबूत नहीं है कि प्रासंगिक दस्तावेज राष्ट्रपति के सामने नहीं रखे गये […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : निर्भया गैंगरेप केस के दोषी मुकेश सिंह की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार का खारिज कर दिया. इधर, निर्भया मामले के एक अन्य दोषी विनय ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई सबूत नहीं है कि प्रासंगिक दस्तावेज राष्ट्रपति के सामने नहीं रखे गये थे.

मुकेश की वकील ने कहा था कि राष्ट्रपति के सामने कई दस्तावेज नहीं रखे गये थे, इसलिए दया याचिका खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को विचार करना चाहिए.

अपनी वकील के जरिये मुकेश ने कहा था कि उसका जेल में यौन उत्पीड़न हुआ था और उसके भाई राम सिंह की हत्या की गयी थी. मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि हमने खुद को संतुष्ट करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजे गये सारे दस्तावेजों को देखा. गृह मंत्रालय ने सारे दस्तावेज भेजे थे. मुकेश की याचिका में कोई मेरिट नहीं है.

जेल में प्रताड़ना दया के लिए कोई आधार नहीं है. इसके बाद मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया गया. इधर, तिहाड़ जेल प्रशासन ने फांसी की सारी तैयारी भी पूरी कर ली है. मंगलवार को चारों गुनहगारों को उनके परिवार वालों से आखिरी बार मुलाकात करायी गयी. हालांकि, अभी भी चारों गुनहगार फांसी से बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

अन्य तीन के पास बचे हैं विकल्प, टल सकती है फांसी की तारीख

मुकेश सिंह के पास फांसी से बचने के अब तमाम विकल्प हो गये खत्म

निर्भया गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी मुकेश की दया याचिका को चुनौती देने वाला पिटिशन खारिज करते ही मुकेश के पास फांसी से बचने के अब तमाम विकल्प खत्म हो गये हैं. सभी दोषियों की एक फरवरी को फांसी देने की तारीख तय है. मंगलवार को दोषियों में से एक अक्षय ठाकुर ने क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल की है.

आज होगी अक्षय की याचिका पर सुनवाई

सूत्रों का कहना है कि दोषियों की फांसी की तारीख एक फरवरी से आगे बढ़ सकती है. बता दें कि दोषी अक्षय ने मंगलवार को एक क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की. जिसकी सुनवाई गुरुवार को होनी है. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ, न्यायमूर्ति एनवी रमन की अध्यक्षता में, गुरुवार दोपहर एक बजे, एक अपराधी अक्षय ठाकुर की सजा की याचिका पर सुनवाई करेगी.

आखिरी बार परिवार से मिलाये गये दोषी, जेल प्रशासन की भी तैयारी पूरी

अब बचने का रास्ता नहीं

रिव्यू पिटिशन : जुलाई 2018 में खारिज

क्यूरेटिव पिटिशन : इस महीने खारिज

दया याचिका : 17 जनवरी, 2020 को राष्ट्रपति ने खारिज की

दया याचिका पर रिव्यू : 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से खारिज, सभी विकल्प खत्म

अक्षय ठाकुर

रिव्यू पिटिशन : दिसंबर 2019 में खारिज

क्यूरेटिव पिटिशन : 30 जनवरी को सुनवाई

दया याचिका : राष्ट्रपति के पास अभी तक नहीं लगायी गुहार, विकल्प बचा है

पवन गुप्ता

रिव्यू पिटिशन : जुलाई 2018 में खारिज

क्यूरेटिव पिटिशन : क्यूरेटिव पिटिशन अभी तक नहीं डाला

दया याचिका : यह विकल्प भी अभी बचा हुआ है

विनय शर्मा

रिव्यू पिटिशन : जुलाई 2018 में खारिज

क्यूरेटिव पिटिशन : जनवरी 2020 में खारिज

दया याचिका : 29 जनवरी को दायर की याचिका

तीन दोषियों के पास अब भी बचे हैं पांच चांसेज

देर से ही सही, फैसले सही हो रहे हैं : निर्भया की मां

दोषी मुकेश कुमार सिंह की दया याचिका खारिज करने के राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली अपील भी खारिज होने पर निर्भया की मां ने प्रसन्नता जतायी और फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि देर से ही सही लेकिन फैसले सही हो रहे हैं. निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती हूं और चाहती हूं कि सभी दोषी जल्द से जल्द फांसी पर लटके. मैं पिछले सात सालों से कानून पर भरोसा बनाये रखी हूं और अब भी कायम है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola