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आविष्कार: ट्रैफिक सिग्नल में ''एक्सट्रा ब्लू लाइट'' से थमेगा वायु प्रदूषण, जानिए कैसे

Updated at : 20 Nov 2019 9:05 AM (IST)
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आविष्कार: ट्रैफिक सिग्नल में ''एक्सट्रा ब्लू लाइट'' से थमेगा वायु प्रदूषण, जानिए कैसे

मुंबई: ट्रैफिक सिग्नल में वैसे तो तीन लाइटें लगी होती हैं. पीली, लाल और हरी. पीली लाइट लोगों को चेतावनी देती है, लाल रोकती है और हरी आगे जाने का इशारा करती है. लेकिन अब चौथी लाइट भी ट्रैफिक सिग्नल्स में लगी होगी. ब्लू लाइट. दावा किया जा रहा है कि ट्रैफिक सिग्नल में इनके […]

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मुंबई: ट्रैफिक सिग्नल में वैसे तो तीन लाइटें लगी होती हैं. पीली, लाल और हरी. पीली लाइट लोगों को चेतावनी देती है, लाल रोकती है और हरी आगे जाने का इशारा करती है. लेकिन अब चौथी लाइट भी ट्रैफिक सिग्नल्स में लगी होगी. ब्लू लाइट. दावा किया जा रहा है कि ट्रैफिक सिग्नल में इनके लगने से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी. कैसे? आईए जानते हैं…

महाराष्ट्र की दो बहनों से सुझाया ये रास्ता

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित घाटकोपर की रहने वाली दो बहनों ने एक नया आइडिया सुझाया है. उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल में एक ब्लू लाइट जोड़ने का रास्ता सुझाया है. इन दोनों बहनों का नाम शिवानी खोटे और ईशा खोटे हैं. इन्होंने ट्रैफिक सिग्नल का एक मॉडल भी बनाया है जिसमें एक ब्लू लाइट लगी है. इनका दावा है कि इस ब्लू लाइट से प्रदूषण में कमी लाई जा सकेगी.

ट्रैफिक सिग्नल में ब्लू लाइट का आइडिया

ये काम कैसे करेगा? ये पूछने पर शिवानी ने बताया कि, जब ट्रैफिक सिग्नल में लाल बत्ती जलेगी उससे 10 सेकेंड पहले ये ब्लू लाइट ब्लिंक करेगी. ये इस बात का इशारा होगा कि जो भी वाहन चालक ट्रैफिक पर रूके हैं वो अपनी गाड़ियों का इंजन बंद कर लें. फिर जब लाल बत्ती ऑफ होने वाली होगी, उससे 10 सेकेंड पहले ब्लू लाइट बंद हो जाएगी. शिवानी का कहना है कि ट्रैफिक पर गाड़ियों का इंजन बंद होने से उतनी देर इंधन नहीं जलेगा और किसी प्रकार का धुआं नहीं उत्पन्न होगा. इस तरह से वायु प्रदूषण में कमी लाई जा सकेगी.

आज ज्वलंत मुद्दा हो गया वायु प्रदूषण

ये आईडिया कहां से आया? समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शिवानी ने बताया कि वर्तमान में वायु प्रदूषण सबसे ज्वलंत मुद्दा है. रोज सैकड़ों लोगों की मौत वायु प्रदूषण की वजह से हो जाती है. राजधानी दिल्ली की हालत वायु प्रदूषण की वजह से कितनी खराब है, ये किसी से छुपा नहीं है. उन्होंने बताया कि रोजाना प्रदूषण से होने वाली तकलीफ को देख कर उनको ये आइडिया आया. शिवानी ने इस दौरान एक सर्वे के बारे में भी बताया.

जीजा माता ट्रैफिक सिग्नल में किया रिसर्च

शिवानी ने बताया कि उन्होंने घाटकोपर स्थित जीजामाता ट्रैफिक सिग्नल में एक रिसर्च किया. उनका कहना है कि रोजाना वहां 156 किलो फ्यूल जलता है जिसकी वजह से तकरीबन 371 किलो कार्बन डाईऑक्साइड उत्पन्न होता है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण विभिन्न वजहों से अब तक 250करोड़ रुपया खर्च हो चुका है. शिवानी का कहना है कि वायु प्रदूषण भयावह स्थिति तक पहुंच चुका है और इस दिशा में जल्द ही कुछ किए जाने की जरूरत है.

लोगों से गाड़ी का इंजन बंद करने की अपील

दोनों बहनों ने बातचीत में कहा कि हम लोगों से व्यक्तिगत तौर पर आग्रह करते हैं कि वे ट्रैफिक सिग्नल पर कुछ देर के लिए अपनी गाड़ी का इंजन बंद कर लिया करें ताकि इंधन की खपत कम हो और कार्बन उत्सर्जन पर लगाम लगाई जा सके. इनका कहना है कि, यदि लोग खुद से इसका पालन करेंगे तो ब्लू लाइट की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.

शिवानी खोटे ने बताया कि शुरूआती समय में प्रत्येक सिग्नल में ब्लू लाइट लगाने का खर्च तकरीबन 8 हजार रुपये का आएगा. हालांकि, अपने आइडिया को व्यवहारिक रूप देने के लिए उन्हें मुंबई ट्रैफिक विभाग और महाराष्ट्र प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की सहायता की जरूरत है.

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