IMA घोटाले में घिरे कांग्रेस के बागी विधायक रोशन बेग को SIT ने एयरपोर्ट से हिरासत में लिया

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बेंगलुरूः करोड़ों रुपये के आईएम ज्वेलर्स पोंजी घोटाले मामले में कांग्रेस से निलंबित चल रहे विधायक रोशन बेग को सोमवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट से स्पेशल टास्क फोर्स (एसआईटी) ने हिरासत में ले लिया है.एसआईटी के अनुसार रोशन बेग बेंगलुरु से मुंबई जा रहे थे. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एसआईटी की इस कार्रवाई की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल से दी है.

कुमारस्वामी ने दावा किया है कि जिस समय बेग को हिरासत में लिया गया उस समय वह बीजेपी के एक विधायक के साथ थे. कुमारस्वामी ने रोशन बेग को हिरासत में लेने के बाद एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि एसआईटी ने आईएमए घोटाले मामले को लेकर आज रोशन बेग को हिरासत में लिया है. जिस में समय उन्हें हिरासत में लिया गया उस समय वह येदियुरप्पा के पीए संतोष के साथ एक चार्टर्ड प्लेन से मुंबई के लिए रवाना होने वाले थे. मुझे बताया गया है कि संतोष एसआईटी को देखकर मौके से भाग गया है, जबकि टीम ने बेग को हिरासत में ले लिया.

उन्होंने आगे लिखा कि जिस समय एसआईटी ने बेग को हिरासत में लिया उस समय बीजेपी के विधायक योगेश्वर भी वहां मौजूद थे. यह बेहद शर्मनाक है कि बीजेपी पूर्व मंत्री को बेंगलुरु से भगाने में मदद कर रही थी. यह साफ करता है आखिर किस तरह से बीजेपी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को तोड़ने की कोशिशें कर रही है. वहीं, कुमारस्वामी द्वारा बीजेपी पर लगाए गए आरोपों का कर्नाटक बीजेपी ने जवाब दिया. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि यह पूरी तरह से गलत है कि येदियुरप्पा के पीए संतोष बेग के साथ थे.

सीएम कुमारस्वामी पूरी तरह से अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. हम बताना चाहते हैं बेग अगले सफर कर रहे थे, उनके साथ कोई औऱ दूसरा पैसेंजर नहीं था. हम मांग करते हैं कि बोर्डिंग पास और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर रखा जाए.

कौन हैं रोशन बेग?
आर रोशन बेग पूर्व कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार के पूर्व मंत्री रह चुके हैं. लेकिन घोटाले में नाम आने और अन्य कारणों के चलते पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था. जिसके बाद वो पार्टी नेताओं के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने लगे. कई विधायकों के एक साथ इस्तीफे के ठीक बाद रोशन बेग ने भी कर्नाटक विधानसभा से इस्तीफा दे दिया.
संकट में कर्नाटक सरकार
कर्नाटक सरकार पर पिछले कई दिनों से संकट के बादल छाए हुए हैं. कांग्रेस-जेडीएस के कुल 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब सरकार गिरने के कगार पर है. अब 18 जुलाई को विधानसभा में कांग्रेस और जेडीएस को सरकार बचाने के लिए विश्वास मत हासिल करना होगा. अभी तक जो आंकड़े हैं, उससे यही लगता है कि ये सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाएगी. वहीं बीजेपी को फ्लोर टेस्ट के तौर पर एक बड़ा मौका सामने दिख रहा है.
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