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नहीं थम रहा चुनाव में धन का इस्तेमाल

Updated at : 09 Dec 2018 1:15 PM (IST)
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नहीं थम रहा चुनाव में धन का इस्तेमाल

नयी दिल्ली : नोटबंदी के बावजूद चुनावों में धनबल का इस्तेमाल नहीं रुक रहा है. मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव के दौरान कालेधन की व्यापक पैमाने पर हुई धरपकड़ के आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के बावजूद चुनाव में धनबल के उपयोग में इजाफा हुआ है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के […]

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नयी दिल्ली : नोटबंदी के बावजूद चुनावों में धनबल का इस्तेमाल नहीं रुक रहा है. मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव के दौरान कालेधन की व्यापक पैमाने पर हुई धरपकड़ के आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के बावजूद चुनाव में धनबल के उपयोग में इजाफा हुआ है.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इन राज्यों में पिछले चुनाव की तुलना में जब्त की गयी अवैध धनराशि में वृद्धि हुई है. इससे, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत की उस आशंका को भी बल मिला है, जिसमें उन्होंने नोटबंदी से चुनाव में कालेधन पर नकेल कसने के सरकार के दावे पर सवाल खड़े किये थे.

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सेवामुक्त हुए रावत ने भी कहा था कि नोटबंदी के बावजूद पांच राज्यों के चुनाव में कालेधन की बरामदगी में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. चुनाव के दौरान अवैध रकम, शराब, मादक द्रव्य और कीमती जेवरात की धर-पकड़ संबंधी चुनाव आयोग के आंकड़े दर्शाते हैं कि इन राज्यों में आचार संहिता लागू होने के बाद लगभग 168 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए.

शुक्रवार को पांचों राज्यों में मतदान संपन्न होने के बाद आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जब्त किये गये 168 करोड़ रुपये में आश्चर्यजनक रूप से अकेले तेलंगाना की हिस्सेदारी 115.19 करोड़ रुपये की रही. वर्ष 2014 में आंध्रप्रदेश विधानसभा चुनाव में 195 करोड़ रुपये कालेधन के रूप में बरामद किये गये थे.

इससे काफी पीछे रहते हुए मध्यप्रदेश 30.93 करोड़ रुपये के साथ दूसरे और राजस्थान 12.85 करोड़ रुपये की बरामदगी के साथ तीसरे पायदान पर रहा. पिछले चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश में कालेधन, मादक द्रव्य और अवैध शराब सहित बरामद की गयी अन्य सामग्री की कीमत 27 करोड़ रुपये थी.

इसी तरह राजस्थान में भी वर्ष 2013 के चुनाव की तुलना में बरामद अवैध रकम में लगभग एक करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना में पैसा और शराब पानी की तरह बहाया गया. इस छोटे से नवगठित राज्य ने अवैध रूप से धनबल के इस्तेमाल के मामले में अन्य चारों राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया.

कहां, क्या मिला

तेलंगाना में 115.19 करोड़ रुपये के कालेधन की बरामदगी के अलावा 12.26 करोड़ रुपये कीमत की 5.45 लाख लीटर शराब और 17.66 किग्रा सोना सहित 6.79 करोड़ रुपये कीमत की बेशकीमती धातुओं के आभूषण जब्त किये गये.

राजस्थान में चुनाव के दौरान धनबल के अलावा शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सर्वाधिक इस्तेमाल हुआ. राज्य में चुनाव आयोग के निगरानी दलों ने सात दिसंबर तक 39.49 करोड़ रुपये की 6.04 लाख लीटर शराब जब्त की. इतना ही नहीं, नशीले पदार्थों के मामले में भी राजस्थान में अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक 14.58 करोड़ रुपये कीमत के चरस, गांजा, अफीम आदि मादक द्रव्य (38572 किग्रा) पकड़े गये.

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