छत्तीसगढ़ : एक सप्ताह में 173 गायों की मौत के आरोपों के बीच 9 अधिकारी निलंबित

Updated at : 20 Aug 2017 7:50 PM (IST)
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छत्तीसगढ़ : एक सप्ताह में 173 गायों की मौत के आरोपों के बीच 9 अधिकारी निलंबित

रायपुर : तीन गौशालाओं में लगभग एक सप्ताह में 173 गायों की मौत होने के आरोपों के बीच छत्तीसगढ़ पशुपालन विभाग के दो उपनिदेशकों समेत नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया हैं. जिन गौशालाओं में मौत हुई है उनमें से एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय नेता द्वारा संचालित की जाती है. […]

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रायपुर : तीन गौशालाओं में लगभग एक सप्ताह में 173 गायों की मौत होने के आरोपों के बीच छत्तीसगढ़ पशुपालन विभाग के दो उपनिदेशकों समेत नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया हैं. जिन गौशालाओं में मौत हुई है उनमें से एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय नेता द्वारा संचालित की जाती है.

छत्तीसगढ राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष बिशेशर पटेल ने आज दावा किया कि दुर्ग जिले के राजपुर गांव में शगुन गोशाला में 52 गायों की, फूलचंद गोशाला में 106 और बेमेतरा जिले के गोदमारा और रानों गांवों में 15 गायों की मौत हुई है.

पटेल ने दावा किया ‘राज्य के दुर्ग और बेमेतरा जिलों में करीब सात दिनों में 173 गायों की मौत सरकार सहायता प्राप्त गोशालाओं में हुयी है.’ एक सरकारी बयान में कहा गया है कि राज्य के कृषि एवं पशु पालन विभाग मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर संज्ञान लेते हुए ‘अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने’ के लिए विभाग के नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और गोसेवा आयोग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

निलंबित अधिकारियों में दुर्ग और बेमेतरा में विभाग के दो उपनिदेशक और सात पशु चिकित्सक शामिल हैं. इजरायल की सरकारी यात्रा पर गये मंत्री ने पशु पालन विभाग के निदेशक एस के पांडे से इस घटना के संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है. सरकारी बयान में बताया गया है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऐसे संकेत है कि इन अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरती है और इन पर कार्रवाई की गयी है.’

इसमे कहा गया है कि इसके बाद मंत्री ने राज्य में सभी गौशालाओं की स्थिति पर तीन दिन के भीतर एक रिपोर्ट मांगी है. शगुन गौशाला के मालिक और भाजपा से संबंधित हरीश वर्मा को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था. वर्मा जामुल नगर निगम में उपाध्यक्ष के पद पर भी है. छत्तीसगढ राज्य गौसेवा आयोग ने पुलिस में एक शिकायर्त दर्ज करायी थी जिसमे आरोप लगाया गया था कि उसकी गौशाला में समुचित सुविधाओं और प्रबंधन की कमी है.

उन्होंने दावा किया कि दो गौशालाओं के मालिक वर्मा के रिश्तेदार है. जिले में पारपाडी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बेमतरा में फूलचंद गौशाला और मयूरी गौशाला के दो अधिकारियों को आज हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है. पटेल के अनुसार गौशालाओं में समुचित सुविधाओं और प्रबंधन की कमी के कारण ये मौतें हुई है. उन्होंने कहा कि इन गौशालाओं से पशुओं को अन्य गौशालाओं में ले जाया जा रहा है.

इस बीच पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ पशु चिकित्सकों की टीमों को बीमार पशुओं को इलाज उपलब्ध कराने और उनका नियमित निरीक्षण करने के लिए इन गौशालाओं में तैनात कर दिया गया हैं. उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में 152 गायों को इलाज उपलब्ध कराया गया. अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा शगुन गौशाला से कई गायों को निकटवर्ती गौशालाओं में स्थानांतरित किया गया है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु संरक्षण अधिनियम 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और आईपीसी की धारा 409 ( आपराधिक विश्वासघात ) के तहत मामला दर्ज किया गया और कल उन्हे दुर्ग की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. दुर्ग में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवा कांग्रेस के एक समूह ने कल वर्मा के चेहरे पर उस समय स्याही फेंकी जब अदालत से उन्हे जेल ले जाया जा रहा था. उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में सात युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया.

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