मध्यप्रदेश: अब बीजेपी विधायक के पुत्र ने आदिवासी शख्स को मारी गोली, कांग्रेस चुनाव के पहले हुई हमलावर

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 05 Aug 2023 9:17 AM

विज्ञापन

पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार शाम करीब छह बजे हुई. मोरबा पुलिस थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार ने बताया कि घटना के बाद 40 वर्षीय विवेकानंद वैश्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जानें क्या है पूरा मामला

विज्ञापन

मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में बीजेपी के विधायक के बेटे ने मामूली विवाद पर 34 साल के एक आदिवासी व्यक्ति को कथित तौर पर गोली मार दी जिससे वह घायल हो गया. बताया जा रहा है कि आरोपी एक अन्य मामले में फिलहाल जमानत पर है. पुलिस के एक अधिकारी ने इस बाबत जानकारी दी है. मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर जोरदार हमला किया है.

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बीजेपी पर कटाक्ष किया और अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं में आदिवासी समुदाय पर अत्याचार करने की होड़ मची है. सीधी में आदिवासी युवक पर पेशाब करने की घटना को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है कि सिंगरौली में भाजपा विधायक रामलल्लू वैश्य के बेटे विवेकानंद वैश्य ने एक आदिवासी युवक को गोली मार दी. युवक गंभीर रूप से घायल है. मैं पीड़ित आदिवासी युवक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

आगे कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा कि मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहता हूं कि क्या भाजपा नेताओं का एक ही काम बचा है कि वे आदिवासी, दलित, महिलाओं और सर्व समाज के लोगों का उत्पीड़न करें. आप इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाना तो दूर अपराधियों को बढ़ावा देते हुए नजर आ रहे हैं. पिछले दिनों हरदा से सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में सजा प्राप्त व्यक्ति को बीजेपी में शामिल कर आपने स्पष्ट कर दिया है कि आप अपराधीमय बीजेपी बनाने के अभियान में कितनी तेजी से प्रगति कर रहे हैं. राजपोषित अपराध मध्यप्रदेश के माथे पर कलंक बन गये हैं.

क्या है मामला

मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार शाम करीब छह बजे हुई. मोरबा पुलिस थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार ने बताया कि घटना के बाद 40 वर्षीय विवेकानंद वैश्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. आरोपी सिंगरौली विधानसभा सीट के बीजेपी विधायक राम लल्लू वैश्य का बेटा है. परिहार ने बताया कि शुरूआत में आरोपी विवेकानंद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (प्रतिबंधित हथियार रखना या ले जाना) और 27 (हथियार रखना) के तहत मोरबा पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है.

Also Read: सीधी पेशाब कांड: पीड़ित दशमत को दी गयी आर्थिक मदद, कल सीएम शिवराज ने धोए थे पैर

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जांच के बाद आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के साथ भादंसं की धारा 34 (सामान्य इरादा), 294 (अश्लील शब्द और कृत्य), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) की और धाराएं भी जोड़ी गईं हैं.

विवेकानंद फिलहाल एक अन्य मामले में जमानत पर

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि विवेकानंद फिलहाल एक अन्य मामले में जमानत पर बाहर है, जिसमें उसने पिछले साल जुलाई में एक वन रक्षक के साथ मारपीट की थी और उस पर गोली चला दी थी.

Also Read: MP पेशाब कांड : भाजपा के सीधी जिला महामंत्री ने पार्टी से दिया इस्तीफा, राज्यपाल से मिलेंगे कांग्रेसी नेता

सीधी कांड के बारे में जानें

सीधी कांड अभी भी लोगों के जेहन में जिंदा है. जी हां…बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ल ने एक आदिवासी युवक पर पेशाब कर दिया था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. आरोपी बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ल को गिरफ्तार करने के बाद उस पर NSA की तहत धराएं लगाई गयी. मध्य प्रदेश के सीधी से एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक युवक गरीब और बेसहारा शख्स के ऊपर पेशाब करते हुए सिगरेट भी फूंक रहा है. आरोपित का नाम प्रवेश शुक्ला है, जो खुद को विधायक प्रतिनिधि बताता है. मामले पर कांग्रेस हमलावर हुई तो प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित के पैर धोये जिसका फोटो और वीडियो भी सामने आया.

Also Read: मध्य प्रदेश में कांग्रेस को जीत दिलाने की जिम्मेदारी इन नेताओं के कंधे पर, देखें चुनाव अभियान समिति की सूची

इस साल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले कांग्रेस सत्तारूढ़ दल बीजेपी पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है. कांग्रेस अपने कोर वोटर यानी आदिवासी वोट बैंक पर खास ध्यान दे रही है. पिछले चुनाव में कांग्रेस पंद्रह साल बाद सत्ता पर काबिज हुई थी. हालांकि इसके बाद मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिंया ने कांग्रेस से बगावत कर दी जिससे कमलनाथ सरकार गिर गयी और शिवराज सिंह चौहान फिर प्रदेश के सीएम बने.

भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola