ePaper

जब-जब धर्म की हानि हुई, तब-तब प्रभु अवतरित हुए

Updated at : 31 Aug 2025 8:54 PM (IST)
विज्ञापन
जब-जब धर्म की हानि हुई, तब-तब प्रभु अवतरित हुए

चुंदरु धाम परिसर में दस दिवसीय गणेश पूजा महोत्सव व हरिहरात्मक सह श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.

विज्ञापन

टंडवा. चुंदरु धाम परिसर में दस दिवसीय गणेश पूजा महोत्सव व हरिहरात्मक सह श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. महोत्सव के पांचवें दिन भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान गणेश व सूर्य भगवान की पूजा-अर्चना की. संध्या आरती के बाद भंडारा का आयोजन किया गया. बनारस काशी के आचार्य श्री मद्भागवत प्रवक्ता आचार्य जयनारायण मिश्र के वैदिक मंत्रोचार व शंखनाद की गूंज से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है. रात्रि में कथा सुनाते हुए यज्ञाचार्य जयनारायण मिश्र ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि हुई, तब-तब प्रभु अवतरित हुए. परमात्मा के चरणों मे भक्ति करना सबसे श्रेष्ठ है. भक्ति की प्राप्ति साधु संत महापुरुषों के संग व सेवा से मिलता है. आज लोग हत्या व आत्महत्या कर रहे हैं, यह सब मन बिगड़ने के कारण होता है. कहा कि यज्ञ से मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है. शरीर की भी शुद्धि होती है. किसी भी पूजा स्थल में पति-पत्नी को एक साथ पूजा करने से प्रसाद रूपी आशीर्वाद मिलता है. पूजा संपन्न कराने में अध्यक्ष विकास गुप्ता, सचिव अनिल दास, कोषाध्यक्ष संजीत गुप्ता समेत अन्य लगे हुए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANUJ SINGH

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola