हिंदी भाषा देश को एकता के सूत्र में पिरोती है

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हिंदी भाषा देश को एकता के सूत्र में पिरोती है

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय में हिंदी कार्यशाला

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हजारीबाग. भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के तहत साेमवार को तिमाही हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि डॉ सुबोध सिंह शिवगीत थे. कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय सांख्यिकी के जनक डॉ (प्रो) पीसी महालनोबिस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गयी. वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सूर्य कुमार ने बताया कि हमारे कार्यालय के कर्मियों ने विगत कई वर्षों से हिंदी का अलख जगाये रखा है. हमारा कार्यालय स्थानीय नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति प्रगति पर है. ब्रजेश्वर कुमार ने बताया कि यहां शत प्रतिशत कार्य हिंदी में ही किया जाता है. डॉ सुबोध सिंह शिवगीत ने कहा कि हिंदी ही वह भाषा है, जो देश को एकता के सूत्र में पिरोती है. उन्होंने बताया कि हिंदी की सेवा देश की सेवा है, अतः हमें हिंदी के उत्थान के लिए प्रयास करना चाहिए. मौके पर जानकी नाथ मिश्र, सतीश गुप्ता, मिथलेश मोदी, बृज किशोर सिंह, उमेश नाथ चौबे, रणजीत कुमार गुप्ता, प्रशांत कुमार, सौरभ कुमार, आशीष रंजन, शुभम सोनी, दिवाकर राज, राहुल कुमार, अजय रविदास, नीलांजन दास एवं एमटीएस श्रीकांत खां ने विचार रखे. रविशंकर की अहम भूमिका रही.

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