हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत

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<P>दारू़ थाना क्षेत्र के हरली गांव में झुंड से बिछड़े हाथी ने सुरेश विश्वकर्मा (पिता महावीर विश्वकर्मा) को कुचल कर मार डाला. घटना उस वक्त हुई जब सुरेश बारात से

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दारू़ थाना क्षेत्र के हरली गांव में झुंड से बिछड़े हाथी ने सुरेश विश्वकर्मा (पिता महावीर विश्वकर्मा) को कुचल कर मार डाला. घटना उस वक्त हुई जब सुरेश बारात से लौटकर पैदल अपने घर जा रहा था. मृतक हरली गांव के आलोदिनटांड़ स्थित अपने ससुराल में रहकर जीवनयापन करता था. जानकारी के अनुसार, सुरेश विश्वकर्मा 30 अप्रैल को बारात गया था़ एक मई की सुबह वह बाराती वाहन से हरली स्कूल के पास उतरकर वह पैदल अपने घर जा रहा था, तभी हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला. सुबह मॉर्निंग वाक करने वाले लोगों की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद घर वालों को इसकी जानकारी मिली. घटना की सूचना मिलते ही दारू थाना पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग भेज दिया. सुरेश विश्वकर्मा अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गया है. वह घर का इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था.

50 हजार रुपये की सहायता राशि मिली

हाथी द्वारा मारे गये सुरेश विश्वकर्मा के परिजनों को वन विभाग की टीम ने तत्काल 50,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करायी है. वन विभाग की टीम ने बताया कि मृतक के परिजनों को सहायता के रूप में चार लाख रुपये मुआवजा राशि दी जायेगी, जिसमें पहली किस्त के रूप में 50,000 रुपये दिये गये हैं.

हाथियों ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र को निशाना बनाया

चलकुशा. प्रखंड के दुमदुमा में गुरुवार शाम 7:30 बजे करीब 25-30 हाथियों का झुंड पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गयी. हाथियों ने प्राथमिक विद्यालय के सभी खिड़की-दरवाजे को तोड़ दिया. बच्चों की खेल सामग्री व बेंच-डेस्क को नुकसान पहुंचाया. साथ ही स्कूल में रखा चार क्विंटल चावल हाथी खा गये. आंगनबाड़ी केंद्र का भी खिड़की, दरवाजे, टेबल और कुर्सी हाथियों ने तोड़ दिया. साथ ही वहां रखी खाद्य सामग्री चट कर गये. रातभर ग्रामीण हाथियों को भगाने का प्रयास करते रहे, लेकिन झुंड पर कोई असर नहीं हुआ. सुबह होते ही हाथियों का झुंड जंगल की ओर लौट गया. बीस सूत्री अध्यक्ष सह झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सलीम अंसारी ने नुकसान का जायजा लिया. कहा कि चलकुशा प्रखंड में सालभर हाथी आते-जाते रहते हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से हाथियों के हमले से ग्रामीणों को बचाने का कोई व्यापक प्रबंध नहीं किया गया. इससे ग्रामीणों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता है. पहले हाथियों द्वारा पहुंचाये गये नुकसान का मुआवजा अभी तक भुक्तभोगियों को नहीं मिला है. उन्होंने वन विभाग से गांवों में सोलर लाइट और टॉर्च उपलब्ध कराने की मांग की.

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