Madhubani News : जिला न्यायमंडल को मिला करोड़ो का कोर्ट भवन, लायर्स भवन, न्यायिक आवास व ई सेवा केंद्र

जिला न्यायमंडल के अंतर्गत बेनीपट्टी अनुमंडलीय कोर्ट में 24 करोड़ रुपये की लागत से बना दस कोर्ट का जी प्लस फाइव भवन मिला.
मधुबनी.
जिला न्यायमंडल के अंतर्गत बेनीपट्टी अनुमंडलीय कोर्ट में 24 करोड़ रुपये की लागत से बना दस कोर्ट का जी प्लस फाइव भवन मिला. वहीं, बेनीपट्टी एवं मधुबनी के अधिवक्ताओं को लायर्स हॉल मिला. झंझारपुर न्यायालय के न्यायिक पदाधिकारी के लिए न्यायिक आवास मिला. इसी प्रकार पक्षकारों के सहूलियत के लिए न्यायमंडल स्थित तीनों न्यायालय परिसर स्थित ई सेवा केन्द्र की शुरूआत की गयी .दस कोर्ट एक ही भवन में
अब बेनीपट्टी अनुमंडलीय कोर्ट से जुड़े पक्षकारों को एक ही भवन में सभी सुविधा उपलब्ध होगी . इसके लिए गुरुवार को उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस पीवी बजनंत्री ने 24 करोड़ रुपए की लागत से बना जी प्लस फाइव भवन का उदघाटन किया गया. यह जिला का पहला हाइटेक भवन होगा. जहां एक छत के नीचे दस कोर्ट चलेगा . यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है . इसमें लिफ्ट ,सीढ़ी, पार्किंग व शौचालय भी सुस्सजित तरीके से बनाया गया है . जहां नया भवन के ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है. वहीं, पहली से तीसरे फ्लोर में कोर्ट चलेगा. चौथे एवं पांचवे मंजिल पर रेकर्ड रूम व ऑफिस बनाया गया है . जिससे न्यायालय कर्मी को अभिलेख लाने ले जाने में अधिवक्ताओं को एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट जाने में कोई परेशानी नहीं होगी . इसमें न्यायिक कार्य करने में न्यायिक पदाधिकारियों को कार्य करने में आसानी होगी .अधिवक्ताओं को मिला सुसज्जित कार्य स्थल
अधिवक्ताओं के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ. पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री वजनंत्री ने बेनीपट्टी अनुमंडलीय अधिवक्ता संघ परिसर में बना 60 लाख रुपये से ऊपर के लागत से बना लायर्स भवन का उद्घाटन किया. वर्चुअल मोड से जिला अधिवक्ता संघ परिसर में करीब 70 लाख रुपये से बने लायर्स हॉल का उद्घाटन किया. इसके साथ ही अधिवक्ताओं को अब बैठने की परेशानी दूर होगी . भवन में अधिवक्ताओं को जहां बैठने के लिए व्यवस्था की गई है .इ -सेवा केंद्र की हुई शुरूआत
गुरुवार को चीफ जस्टिस सहित चार न्यायमूर्ति के उद्घाटन के बाद से न्यायमंडल स्थित जिला न्यायालय व अनुमंडलीय न्यायालय झंझारपुर एवं बेनीपट्टी में स्थापित ई सेवा केंद्र की शुरुआत हो गयी . इससे न्यायालय से जुड़े सारे कार्य ई सेवा केंद्र के एक ही काउंटर से ऑन लाइन हो जायेगा . जिससे पक्षकारों को बड़ी सुविधा मिल सकेगी . खासकर पक्षकारों को अपने मुकदमों की स्थिति जानने के लिए अधिवक्ता व मुंशी पर निर्भर नही रहना पड़ेगा . पक्षकार अपने मुकदमों की स्थिति , अगली तिथि की जानकारी , आदेश कि प्रति आसानी से प्राप्त कर सकते हैं . साथ ही ई सेवा केंद्र में कोर्ट फीस एवं जुर्माने का ऑन लाइन भुगतान कर सकेंगे. वहीं, केंद्र पर ई फाइलिंग, दस्तावेजों का स्कैन व अपलोड व ई चालान की सुविधा केंद्र से मिल जायेगी . खासकर इस केंद्र से गरीब व जरूरतमंद लोग विधिक सेवा प्राधिकार की योजनाओं को जानकारी ले सकेंगे . साथ ही वैसे लोगों को मुफ्त विधिक सहायता के लिए आवेदन भी कराया जायेगी .
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