बिजली कंपनी के कर्मियों की जोखिम में जान

बिजली कंपनी के मानव बल मौत के साये में काम करने को मजबूर हैं.जोखिम में जान को डालकर हर दिन काम करनेवाले मानव बल के मामले को लेकर अफसर अनजान बने हुए हैं.जिसका खामियाजा आये दिन ऐसे कर्मियों को भुगतान पड़ता है. बिजली के फाल्ट को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ठीक करते देखे जाते हैं. यही कारण है कि फाल्ट ठीक करते समय दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.
सीवान. बिजली कंपनी के मानव बल मौत के साये में काम करने को मजबूर हैं.जोखिम में जान को डालकर हर दिन काम करनेवाले मानव बल के मामले को लेकर अफसर अनजान बने हुए हैं.जिसका खामियाजा आये दिन ऐसे कर्मियों को भुगतान पड़ता है. बिजली के फाल्ट को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ठीक करते देखे जाते हैं. यही कारण है कि फाल्ट ठीक करते समय दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. कई मानव बल की मौत हो गई है तो कुछ जीवन भर के लिए विकलांगता का कष्ट सहने के लिए विवश हैं. बिजली कंपनी में काम करने वाले आउटसोर्सिंग व मानव बल को सुरक्षा किट देने का प्रावधान है. सुरक्षा किट में दस्ताना, प्लायर, सुरक्षा बेल्ट, अर्थ चेन आदि देना होता है, ताकि पोल पर चढ़कर उन्हें लाइन ठीक करने में किसी प्रकार का जोखिम न हो. लेकिन इनको सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई है. जिले में लगभग 40 विद्युत सब स्टेशन हैं जिनमें लगभग 375 मानव बल तैनात हैं.जिनके भरोसे शहर से लेकर गांव तक रोशन होते हैं. अभी बारिश का मौसम है, इस मौसम में बारिश और तेज हवा के कारण फाल्ट आना आम बात है. बारिश में कोंट का खतरा भी और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. बिना सुरक्षा उपकरण पोलों पर फाल्ट ठीक कराने के लिए चढ़ा दिया जा रहा.ऐसे में यह कर्मचारी जान हथेली पर लेकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. लेकिन कोई हादसा हो जाता है तो इनके परिवार के लोगों को कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाती है. सुरक्षा उपकरणों के अभाव में आए दिन मानव बल किसी न किसी हादसे के शिकार हो रहे है. नियमानुसार मानव बल को इपीएफ, इएसआई की सुविधा मिलनी चाहिए.इससे हादसे होने पर उन्हें सरकारी मदद के साथ इलाज की सुविधा मिल सके. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. हादसा होने पर कर्मचारी चंदा एकत्रित कर आपस में मदद करते हैं. हाल में घटी घटनायें केस (एक). मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर डीएवी स्कूल के समीप 16 जुलाई को ट्रांसफॉर्मर का पर काम कर रहा मानव बल की करेंट लगने से मौत हो गई थी. मृतक गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के सिरिसियां गांव निवासी धर्मेंद्र मिश्रा था. केस दो . लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र के मगही गांव में बिजली के पोल पर लाइन ठीक कर रहा मानव बल की नौ जुलाई को मौत हो गई.मानव बल मगही जयराम प्रसाद था. केस (तीन). नगर थाना क्षेत्र के तेलहट्टा बाजार में ट्रांसफॉर्मर पर फ्यूज बांध रहा मानव बल एक जून को करेंट के चपेट में आने से झुलस कर घायल हो गया था.घायल गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के पश्चिम टोला निवासी मोहम्मद मुस्तफा था.
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