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Gyanvapi Masjid Case LIVE: श्रृंगार गौरी केस की अगली सुनवाई 12 जुलाई को, मुस्लिम पक्ष ने रखी अपनी दलील

Updated at : 04 Jul 2022 3:52 PM (IST)
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Gyanvapi Masjid Case LIVE: श्रृंगार गौरी केस की अगली सुनवाई 12 जुलाई को, मुस्लिम पक्ष ने रखी अपनी दलील

Gyanvapi Masjid Case LIVE: वाराणसी के ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई आज यानी 4 जुलाई को मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में शुरू हो चुका है. सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष अपनी दलील रख रहा है.

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3:52 PM. 4 Jul 223:52 PM. 4 Jul

श्रृंगार गौरी केस की अगली सुनवाई 12 जुलाई को

वाराणसी के जिला कोर्ट में ज्ञानवापी केस में 35 दिनों के बाद सुनवाई की गई. कोर्ट के अंदर 40 लोगों को रहने की अनुमति दी गई थी. जिला जज के यहां केस मेरिट के आधार पर सुनवाई की. इस बीच मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलें पेश कीं.

3:00 PM. 4 Jul 223:00 PM. 4 Jul

 श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजन के मामले पर सुनवाई शुरू

वाराणसी के ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी केस की अगली सुनवाई का इंतजार खत्म हो गया है. मामले की सुनवाई आज यानी 4 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे से जिला अदालत में शुरू हो चुकी है. सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष अपनी दलील रख रहा है. 35 दिन बाद फिर से मामले पर सुनवाई शुरू हुई है.

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मेरे नाम को लेकर भ्रम की स्थिति फैलाई जा रही- हरिशंकर जैन

ज्ञानवापी मामले के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा कि मेरे नाम को लेकर भ्रम की स्थिति फैलाई जा रही है, हमें ज्ञानवापी केस देखना है कौन क्या कह रहा है. इससे मतलब नहीं है, मेरा लक्ष्य भव्य और दिव्य मंदिर बनवाना है.

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सुनवाई से पहले हिंदू पक्ष ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन

श्रृंगार गौरी मामले की सुनवाई से पहले हिंदू पक्ष के लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया. इस मौके पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन भी साथ रहे. वकील विष्णु शंकर जैन ने दर्शन पूजन के बाद कहा की मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें जारी रखेगा. हिंदू पक्ष के अनुसार, उनका मामला चलने योग्य नहीं है. पूजा करने की मांग हमारी कानूनी रूप से मान्य है.

7:51 AM. 4 Jul 227:51 AM. 4 Jul

पूजा करने की हमारी मांग कानूनी रूप से मान्य- जैन

ज्ञानवापी मामले में आज फिर से वाराणसी कोर्ट में सुनवाई होनी है. हिंदू पक्ष के वकील अधिवक्ता विष्णु जैन ने बताया कि, आज मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें जारी रखेगा. उनके अनुसार, मामला चलने योग्य नहीं है, लेकिन हमने कहा है कि यह बनाए रखने योग्य है. वहां पूजा करने की हमारी मांग कानूनी रूप से मान्य है.

7:34 AM. 4 Jul 227:34 AM. 4 Jul

अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई

वाराणसी जिला अदालत की कोर्ट में ज्ञानवापी परिसर में श्रृंगार गौरी स्थल की दैनिक पूजा की हिंदू महिलाओं ने अनुमति के लिए याचिका दायर की है. इस याचिका को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति की याचिका पर आज यानी सोमवार (4 जुलाई) को जिला जज की कोर्ट में फिर से सुनवाई शुरू होगी. 30 मई को जिला जज एके विश्वेश ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को तय की थी.

3:00 PM. 4 Jul 223:00 PM. 4 Jul

Varanasi News: वाराणसी के ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी केस की अगली सुनवाई का इंतजार खत्म हो गया है. मामले की आज यानी 4 जुलाई को दोपहर 2 बजे से जिला अदालत में सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष अपनी दलील रखेगा. मिली जानकारी के अनुसार आज हिंदू पक्ष को दलील पेश करने का मौका नहीं मिल सकेगा.

7:28 AM. 4 Jul 227:28 AM. 4 Jul

जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में होगी सुनवाई

ज्ञानवापी मस्जिद बनाम शृंगार गौरी मामले की सुनवाई आज वाराणसी जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में है, दोपहर बाद इस मामले में सुनवाई होगी. इसके अलावा ज्ञानवापी मस्जिद बनाम श्रृंगार गौरी मामले की ‘पोषणीयता’ पर आज मुस्लिम पक्ष बहस दलील रखेगा.

7:28 AM. 4 Jul 227:28 AM. 4 Jul

1991 में दाखिल किया गया पूजन के अधिकार को लेकर मुकदमा

वाराणसी की सिविल कोर्ट में हिंदू पक्षकारों की ओर से 1991 में ज्ञानवापी में नए मंदिर निर्माण और पूजा पाठ के अधिकार को लेकर मुकदमा दाखिल किया गया था. इसके बाद मुकदमें को लेकर 1997 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. हाईकोर्ट से स्टे होने के बाद कई वर्षों तक वाद लम्बित रहा.

7:28 AM. 4 Jul 227:28 AM. 4 Jul

राजा विक्रमादित्य ने कराया था मंदिर का निर्माण

इसके बाद 10 दिसंबर 2019 को विशेश्वर नाथ मंदिर की ओर से वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने सिविल जज सीनियर डिविजन कोर्ट में आवेदन देकर ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की अपील की और दावा किया की इसके नीचे काशी विश्वनाथ मंदिर के पुरातात्विक अवशेष हैं. भूतल में एक तहखाना है. जिसमें 100 फुट गहरा शिवलिंग है. मंदिर का निर्माण हजारों वर्ष पहले 2050 विक्रमी संवत में राजा विक्रमादित्य ने, फिर सतयुग में राजा हरिश्चंद्र और 1780 में अहिल्यावाई होलकर ने जीर्णोद्धार कराया था.

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यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

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