Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: लगने वाला है सूर्य ग्रहण, तुला राशि में बनेगा विचित्र संयोग

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Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: दिवाली 2022, 24 अक्टूबर को है. दिवाली के अगले ही दिन यानि 25 अक्टूबर को इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है. ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक लग जा रहा है. वर्ष 1995 में भी तुला राशि में सूर्यग्रहण लगा था.

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Surya Grahan, Solar Eclipse 2022: साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को लगने वाला है. अब से ठीक 27 साल पहले भी कुछ इसी तरह की घटना घटित हुई थी। यानी वर्ष 1995 में भी ठीक दिवाली से अगले दिन सूर्यग्रहण लगा था. इस साल 24 अक्टूबर को दिवाली है और 25 अक्टूबर को ग्रहण. वर्ष 1995 में भी तुला राशि में सूर्यग्रहण लगा था और इस वर्ष भी तुला राशि में ही सूर्यग्रहण लगने जा रहा है.

सूर्य ग्रहण का दिवाली पर क्या होगा असर?

दिवाली 2022, 24 अक्टूबर को है. दिवाली के अगले ही दिन यानि 25 अक्टूबर को इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है. ऐसे में दिवाली की रात से ही सूतक लग जा रहा है. हालांकि ज्योतिष कौशल मिश्रा के अनुसारसूर्य ग्रहण के कारण लक्ष्मी पूजन पर असर नहीं पड़ेगा. इस बार चतुर्दशीयुक्त अमावस्या के दिन दिवाली मनेगी. वहीं, 8 नवंबर को यानी देव दिवाली के दिन साल के अंतिम चंद्र ग्रहण का प्रभाव पड़ेगा.

2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा अगला सूर्य ग्रहण

भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. देश के सभी हिस्सों से वह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में परिलक्षित होगा. अमावस्या को सूर्य ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है तथा वे तीनों एक सीध में आ जाते हैं. आंशिक सूर्य ग्रहण तब घटित होता है जब चन्द्र चक्रिका सूर्य चक्रिका को आंशिक रूप से ही ढक पाती है.

सूर्य ग्रहण के दौरान न करें ये काम

सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2022) के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य को नहीं किया जाता है. इस दौरान भगवान की मूर्ति को छूना भी वर्जित होता है. ग्रहण काल में भोजन खाने (Surya Grahan does and dont’s) और पकाने की भी मनाही होती है.

सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से देख सकते हैं या नहीं?

आसमान में होने वाली इस खगोलीय घटना (Surya Grahan 2022) को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य की किरणें आखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. सूर्य ग्रहण को टेलीस्कोप से भी नहीं देखना चाहिए. इसे देखने के लिए विशेष रूप से बनाए गए चश्मों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

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शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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