बिना साफ लक्षण के बढ़ सकता है प्रोस्टेट कैंसर, पुरुष न करें इन 5 संकेतों को नजरअंदाज

पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण AI image
Prostate Cancer in Men: प्रोस्टेट कैंसर की सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि इसकी शुरुआत अक्सर बिना किसी साफ लक्षण के होती है. ऐसे में पेशाब से जुड़ी छोटी-छोटी दिक्कतों को बढ़ती उम्र समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. जानिए कौन-से संकेत बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेने चाहिए और कब डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है.
Prostate Cancer in Men: कई बीमारियों की तरह प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती दिनों में शरीर में कोई बड़े बदलाव या लक्षण नजर नहीं आते. इसी वजह से ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है. अक्सर लोग यूरीन (पेशाब) से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ती उम्र की आम समस्या या प्रोस्टेट का नॉर्मल बढ़ना समझकर टाल देते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये दिक्कतें काफी दिनों तक बनी रहें, तो डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है. नई दिल्ली के PSRI हॉस्पिटल (साकेत) के सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमित उपाध्याय बताते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर को लेकर लोगों में सबसे बड़ा भ्रम यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण तुरंत दिखाई देने लगते हैं. उनके अनुसार, "बीमारी की शुरुआत में कई मरीज पूरी तरह फिट महसूस करते हैं और उन्हें कोई परेशानी नहीं होती. इसीलिए इसके बारे में सही जानकारी होना, अपनी बॉडी के रिस्क को समझना और सही टाइम पर डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है. अगर आप सिर्फ लक्षण बढ़ने का इंतजार करेंगे, तो बीमारी को पकड़ने और इलाज शुरू करने में काफी देर हो सकती है."
समय पर बीमारी का पता चलना क्यों जरूरी है?
प्रोस्टेट कैंसर का सबसे बड़ा कारण बढ़ती उम्र है. 50 साल की उम्र के बाद इसका खतरा बहुत बढ़ जाता है. हालांकि, पेशाब से जुड़ी हर समस्या कैंसर ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कई बार उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का साइज नॉर्मल तरीके से भी बड़ा हो जाता है. लेकिन फिर भी डॉक्टर से चेकअप कराना ही समझदारी है. डॉ. उपाध्याय बताते हैं कि ज्यादातर पुरुष यह सोचकर डॉक्टर के पास जाने में आलस कर जाते हैं कि उम्र के साथ पेशाब में बदलाव आना तो नॉर्मल बात है. वे कहते हैं कि, "लोग अक्सर तब तक इंतजार करते रहते हैं जब तक कि यह परेशानी उनकी डेली लाइफ को खराब न करने लगे. लेकिन चेकअप में देरी करने से किसी गंभीर बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ने का मौका हाथ से छूट सकता है. टाइम पर टेस्ट कराने से यह साफ हो जाता है कि प्रॉब्लम नॉर्मल है या तुरंत इलाज की जरूरत है."
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प्रोस्टेट कैंसर के 5 बड़े वॉर्निंग साइंस
बार-बार पेशाब आना, खासकर रात के टाइम
अगर आपको रात में बार-बार उठकर वॉशरूम जाना पड़ रहा है या अचानक से पेशाब आने की गिनती बढ़ गई है, तो इसे आम बात समझकर नजरअंदाज न करें. यह प्रोस्टेट में किसी दिक्कत का इशारा हो सकता है.
पेशाब करने में परेशानी होना
अगर पेशाब की धार बहुत हल्की आ रही है, पेशाब शुरू करने में टाइम लग रहा है, जोर लगाना पड़ रहा है या ऐसा लगता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ, तो डॉक्टर की सलाह तुरंत लें.
यूरीन या स्पर्म में ब्लड आना
अगर एक बार भी पेशाब या स्पर्म में खून के निशान दिखें, तो इसे जरा भी हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.
कमर, कूल्हों या पेल्विस में लगातार दर्द
कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर यह दर्द लगातार बना हुआ है और साथ में पेशाब से जुड़ी दिक्कतें भी हैं, तो डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी है.
बिना किसी वजह के वजन गिरना या हर समय थकान रहना
बिना किसी डाइट या वर्कआउट के अचानक वजन कम होना या हर वक्त शरीर में थकावट रहना सिर्फ प्रोस्टेट कैंसर ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों का संकेत हो सकता है. अगर यह बाकी लक्षणों के साथ दिख रहा है, तो टेस्ट जरूर कराएं.
किन्हें रहना चाहिए ज्यादा सावधान?
डॉक्टर उपाध्याय यह बात पूरी तरह साफ करते हैं कि इन लक्षणों का दिखाई देना इस बात की गारंटी बिल्कुल नहीं है कि आपको प्रोस्टेट कैंसर ही है. असल में, ऐसे लक्षण महसूस करने वाले ज्यादातर लोगों को कैंसर की बीमारी नहीं होती, लेकिन केवल अंदाजों के भरोसे बैठकर सही स्थिति का पता लगाना नामुमकिन है. इसके लिए सही समय पर जरूरी टेस्ट कराना ही सबसे बेहतर तरीका है, जिससे यह साफ हो सके कि सबकुछ नॉर्मल है या फिर इलाज की दरकार है. हालांकि, इस मामले में 50 साल या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों को और उन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है जिनके परिवार में पिता या भाई को पहले कभी प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, क्योंकि ऐसे पुरुषों में इस बीमारी का खतरा बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा बना रहता है.
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By सौरभ पोद्दार
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