जानिए वो 5 कारण, जिसके कारण PCOS बन जाता है रिश्ता टूटने की वजह

पीसीओएस और रिश्ते की समस्याएं
PCOS And Relationship Issues: कई बार सही जानकारी और समझ की कमी के कारण PCOS से जूझ रही महिलाओं के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ता है, यहां तक कि शादी या रिश्ता टूटने की स्थिति भी बन जाती है. यह स्थिति न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी महिला के लिए बेहद कठिन होती है.
PCOS And Relationship Issues: आज के समय में PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) एक आम हार्मोनल समस्या बन चुकी है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं प्रभावित हैं. इसके बावजूद समाज में PCOS को लेकर कई गलतफहमियां और डर मौजूद हैं. कई बार सही जानकारी और समझ की कमी के कारण PCOS से जूझ रही महिलाओं के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ता है, यहां तक कि शादी या रिश्ता टूटने की स्थिति भी बन जाती है. यह स्थिति न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी महिला के लिए बेहद कठिन होती है. इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि PCOS के कारण रिश्तों में तनाव या दूरी क्यों पैदा होती है और इसके पीछे कौन-से सामाजिक व मानसिक कारण जिम्मेदार होते हैं.
गलत जानकारी और जागरूकता की कमी
अभी भी बहुत से लोग PCOS को किसी “गंभीर या लाइलाज बीमारी” की तरह देखते हैं. उन्हें यह समझ नहीं होता कि PCOS एक मैनेजेबल हार्मोनल कंडीशन है और सही लाइफस्टाइल व इलाज से महिला सामान्य जीवन जी सकती है. गलत धारणाएं रिश्ते को कमजोर बना देती हैं.
फर्टिलिटी (प्रेग्नेंसी) को लेकर डर
PCOS में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और प्रेग्नेंसी में समय लग सकता है. कई रिश्तों में बिना सही मेडिकल सलाह के यह मान लिया जाता है कि “महिला माँ नहीं बन पाएगी” जबकि सच्चाई यह है कि अधिकांश PCOS महिलाएं इलाज से माँ बनती हैं.
शारीरिक बदलावों को स्वीकार न कर पाना
PCOS के कारण वजन बढ़ना, चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल, मुंहासे जैसे बदलाव हो सकते हैं. दुर्भाग्य से समाज में आज भी महिलाओं को परफेक्ट लुक के तराजू में तौला जाता है, जिससे रिश्ते पर असर पड़ता है.
भावनात्मक और मानसिक दबाव
PCOS सिर्फ शरीर ही नहीं, मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करता है. मूड स्विंग्स, एंग्जायटी, लो कॉन्फिडेंस अगर पार्टनर या परिवार भावनात्मक सहयोग न दे, तो रिश्ता धीरे-धीरे टूटने लगता है.
पारिवारिक दबाव और सामाजिक सोच
कई बार लड़की खुद रिश्ते को निभाने के लिए तैयार होती है, लेकिन परिवार की सोच, समाज की बातें, “लोग क्या कहेंगे” वाला डर रिश्ता खत्म करवा देता है, भले ही मेडिकल रूप से कोई बड़ी समस्या न हो.
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By Prerna
मैं प्रेरणा प्रभा पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हूं. मैंने लगभग 3 साल ग्राउन्ड रिपोर्टिंग करके सरकार से जुड़े कई मुद्दों को उठाया है, इसके साथ ही कई और बड़ी खबरों को कवर किया है. अभी फिलहाल में प्रभात खबर के लाइफस्टाइल और हेल्थ के सेक्शन में खबरें लिखती हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जो भी पाठक लाइफस्टाइल और हेल्थ के बारे में कुछ खोज रहे हो उन्हें में वो खबरें सरल और आसान भाषा में लिख कर दे सकूं.
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