इन 4 तरीकों से बच्चों में बढ़ेगी सुनने की कला, एक्टिव लिसनिंग से बनाएं सुपर स्मार्ट लिसनर!

Updated at : 27 Aug 2025 10:43 PM (IST)
विज्ञापन
Parenting Tips

बच्चों को कहानी सुनाते माता-पिता, Pic Credit- Meta AI

Parenting Tips: बच्चों को सिर्फ बोलना नहीं, बल्कि ध्यान से सुनना भी सिखाना बेहद जरूरी है. इस लेख में आसान तरीकों से बताया गया है कि कैसे रोज़ाना कहानी सुनाकर, आंखों में देखकर बातचीत करके और खेल-खेल में एक्टिव लिसनिंग की आदत डाली जा सकती है, जिससे बच्चे समझदार, आत्मविश्वासी और अच्छे लिसनर बनें.

विज्ञापन

Parenting Tips: आजकल के बच्चों को सिर्फ बोलना ही नहीं, ध्यान से सुनना भी सिखाना बेहद जरूरी है. यह आदत उन्हें न केवल दूसरों की बात समझने और सम्मान देने में मदद करती है, बल्कि सही जवाब देने की क्षमता भी बढ़ाती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोजाना 5 मिनट बच्चों को कहानी सुनाकर और उसके बाद उनसे सवाल पूछकर यह आदत डाली जा सकती है. बातचीत के दौरान बच्चों की आंखों में देखकर बात करना और बीच-बीच में उनकी प्रतिक्रिया सुनना उन्हें एक्टिव लिसनिंग सिखाने का सबसे आसान तरीका है.

कहानी सुनाकर ध्यान केंद्रित करना सिखाएं

हर दिन बच्चों को कोई छोटी कहानी सुनाएं. कहानी खत्म होने के बाद उनसे पूछें, “कौन-कौन से किरदार थे?” या “कहानी का कौन सा हिस्सा तुम्हें पसंद आया?” इससे बच्चे सुनते समय ध्यान केंद्रित करना सीखते हैं.

Also Read: Hindu Sanskrit Baby Boy Names:बेटे के लिए 20 ट्रेंडी संस्कृत नाम, हर कोई पूछेगा कहां से ढूंढा

बातचीत के दौरान आंखों में देखें

बच्चों से बात करते समय उन्हें कहें कि सामने देखकर ध्यान से सुने. खुद भी मोबाइल या टीवी से ध्यान न हटाएं. इससे बच्चा समझेगा कि बात सुनना भी सम्मान का हिस्सा है.

सुनने’ को खेल बनाएं

जब बच्चा कुछ कह रहा हो, उसे बीच में न रोकें. अपनी बारी आने पर बोलें. फिर बच्चे को भी यही सिखाएं कि दूसरों की बात बीच में न काटें. यही एक्टिव लिसनिंग की मूल कला है.

शब्दों के बजाय हाव-भाव पर ध्यान दें

बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि किसी की बात सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि टोन और चेहरे के एक्सप्रेशन से भी समझी जाती है. छोटे-छोटे खेल खेलें, जैसे “मैं गुस्से में हूं” को हंसते हुए कहकर पूछें कि सही लगा या नहीं. एक्टिव लिसनिंग सिर्फ स्कूल में बेहतर प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि जीवन में रिश्ते निभाने और खुद को बेहतर समझने की भी कुंजी है. अगर इन आसान तरीकों को रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाया जाए, तो आपका बच्चा सिर्फ अच्छा बोलने वाला नहीं, बल्कि एक समझदार और जिम्मेदार लिसनर भी बनेगा.

Also Read: Modern Hindu Baby Boy Names Starting With R: अपनी बेटे के लिए R अक्षर से चुनें सबसे यूनिक और मॉडर्न नाम

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola