Chhath Puja Nahay Khay 2022: नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरूआत, कल है खरना पूजा
Chhath Puja Nahay Khay 2022: आज 28 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है. नहाए खाए के दिन कद्दू की सब्जी बनायी जाती है. व्रत रखने वाले सबसे पहले इसे ग्रहण करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अलावा इसे खाने के कई सारे फायदे भी हैं. जानें छठ व्रत नहाय खाय के नियम, मान्यताएं.
बेहद शुभ संयोग में शुरू हो रहा छठ महापर्व
छठ महापर्व की शुरुआत आज से हो रही है. संतान प्राप्ति और बच्चे के सुखद भविष्य, दीर्धायु के लिए रखा जाने वाला छठ का व्रत इस साल बेहद शुभ संयोग में आरंभ हो रहा है. छठ पूजा में व्रती को चार दिन तक हर परंपरा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखना होता है.
नहाय खाय के दिन कद्दू भात का विशेष महत्व
नहाय खाय के दिन व्रती कद्दूऔर चना का दाल बनाती है. जिसे सबसे पहले व्रती खाती हैं. फिर घर के सदस्यों को अन्य लोगों के बीच प्रसाद के रूप में इसे बांटा जाता है और ग्रहण किया जाता है. इस दिन भक्त घर और आसपास के परिसर की सफाई करते हैं. इस दिन व्रती केवल एक बार भोजन करते हैं.
नहाए-खाए के दिन क्यों खाते हैं कद्दू भात
नहाए खाए के साथ छठ की शुरुआत होती है. पहले दिन गंगा स्नान करने के बाद कद्दू भात और साग खाया जाता है. बिहार-झारखंड की अगर बात करें तो बिहार में लौकी का प्रचलन है. छठ व्रती नहाय खाए कि दिन कद्दु का सेवन करते हैं. ऐसे में बाजारों में इसे लेकर कद्दू की डिमांड बढ़ जाती है. ऐसी मान्यता है सरसो का साग चावल और कद्दू खाकर छठ महापर्व की शुरूआत होती है. इसलिए व्रत के पहले दिन को नहाए खाए कहते हैं. इन दोनों सब्जियां पूरी तरह से सात्विक माना जाता है. इसमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने की क्षमता बढ़ती है. साथ ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अगर देखें तो कद्दू आसानी से पचने वाली सब्जी है.
छठ महापर्व की शुरुआत आज से
छठमहापर्व की शुरुआत आज से हो रही है. संतान प्राप्ति और बच्चे के सुखद भविष्य, दीर्धायु के लिए रखा जाने वाला छठ का व्रत इस साल बेहद शुभ संयोग में आरंभ हो रहा है. छठ पूजा में व्रती को चार दिन तक हर परंपरा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखना होता है.
नहाय खाय के दिन कद्दू भात खाने का है विशेष महत्व
नहाय खाय के दिन व्रती कद्दूऔर चना का दाल बनाती है. जिसे सबसे पहले व्रती खाती हैं. फिर घर के सदस्यों को अन्य लोगों के बीच प्रसाद के रूप में इसे बांटा जाता है और ग्रहण किया जाता है. इस दिन भक्त घर और आसपास के परिसर की सफाई करते हैं. इस दिन व्रती केवल एक बार भोजन करते हैं.
नहाय खाय के दिन तालाब में नहाते हैं व्रती
आज छठ पूजा का पहला दिन है, जिस दिन व्रती / भक्त नदी, तालाब, या किसी अन्य जल निकाय में स्नान करते हैं, खासकर गंगा नदी में वे गंगा का पानी घर लाते हैं और इस पानी से वे प्रसाद पकाते हैं.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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