1. home Home
  2. life and style
  3. calendar 2022 know upcoming festivals in the year 2022 date and auspicious time tvi

Calendar 2022: वर्ष 2022 में आने वाले त्योहारों की तिथि और शुभ मुहूर्त जानें

साल 2022 में प्रमुख तीज-त्योहार किस दिन कितने तारीख को किस महीने है यह जानने की उत्सुकता सभी को होती है. ऐसे में यहां देख सकते हैं नए साल का नया कैलेंडर.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
व्रत-त्योहार कैलेंडर 2022
व्रत-त्योहार कैलेंडर 2022
prabhat khabar graphics

साल 2021 लगभग आखिरी पड़ाव पर है. साल 2022 की शुरुआत जल्दी होने वाली है. नए साल के शुरू होने से पहले ही लोगों को नए तीज-त्योहारों की तारीख जानने की जिज्ञासा होने लगती है. आप भी ऐसे लोगों में हैं तो जानें साल 2022 के मुख्य त्योहारों की तिथियां.

जनवरी

पौष पुत्रदा एकादशी

तिथि- 13 जनवरी

महत्व- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस दिन संतान प्राप्ति के लिए व्रत रखने की परंपरा है.

शुभ मुहूर्त- 13 जनवरी को सुबह 7:15 से 14 जनवरी को सुबह 9:21 तक

पोंगल एवं मकर संक्रांति

14 जनवरी

महत्व- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है. मान्‍यता है कि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं.

शुभ मुहूर्त- दोपहर 14:12 बजे से शाम 17:45 बजे तक

षटतिला एकादशी

तिथि- 28 जनवरी

महत्व- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस दिन तिल के पानी से स्नान करने की परंपरा है. ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन तिल का 6 प्रकार से प्रयोग करना चाहिए और दान भी करना चाहिए इससे पापों नष्ट हो जाते हैं.

शुभ मुहूर्त- 28 जनवरी सुबह 7:11 बजे से 29 जनवरी को सुबह 09:20 बजे तक

फरवरी

बसंत पंचमी

तिथि- 5 फरवरी

महत्व- इस दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है और इसी दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 07:07 से दोपहर 12:35:19 तक

जया एकादशी

तिथि- 12 फरवरी

महत्व- जया एकादशी पर व्रत रखने से व्यक्ति को भूत-प्रेत, पिशाच जैसी योनियों में जाने का भय खत्म हो जाता है.

शुभ मुहूर्त- 12 फरवरी को सुबह 7:01 से 13 फरवरी सुबह 9:13 तक

विजया एकादशी

तिथि- 27 फरवरी

महत्व- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखा जाता है और ब्राह्मणों को भोजन एवं कलश का दान करना शुभ माना गया है.

शुभ मुहूर्त- 27 फरवरी सुबह 6:47 से लेकर 28 फरवरी सुबह 9:06 तक है.

मार्च

महाशिवरात्रि

तिथि- 1 मार्च

महत्व- महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन शिव-पार्वती विवाह उत्सव मनाया जाता है.

शुभ मुहूर्त- 23:08 से 2 मार्च सुबह 6:00 बजे तक

आमलकी एकादशी

तिथि- 14 मार्च

महत्व- आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय होता है. इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 6:31 से 15 मार्च सुबह 8:55 तक

होलिका दहन

तिथि- 17 मार्च

महत्व- इस दिन विष्णु भगवान ने प्रह्लाद को बचाने के लिए नरसिंह का रूप धारण किया था और राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था.

शुभ मुहूर्त- रात 21:20 से रात 22:31 तक

पापमोचनी एकादशी

तिथि- 28 मार्च

महत्व- इस दिन भगवान विष्णु का व्रत करने से सारे पाप कट जाते हैं.

शुभ मुहूर्त- सुबह 6:15 से 29 मार्च सुबह 8:43 तक

अप्रैल

चैत्र नवरात्रि

तिथि- 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक

महत्व- चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है.

घटस्थापना मुहूर्त- 06:10 से 08:29 तक

रामनवमी

तिथि- 10 अप्रैल

महत्व- रामनवमी के दिन भगवान विष्णु के 7 वें अवतार भगवान राम का जन्म हुआ था.

शुभ मुहूर्त- 11:06 से 13:39 तक

कामदा एकादशी

तिथि- 12 अप्रैल

महत्व- कामदा एकादशी के दिन भगवान वासुदेव का पूजन किया जाता है. इस दिन व्रत रखने पर सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं.

शुभ मुहूर्त- दोपहर 13:38 से 13 अप्रैल शाम 6:12 तक

हनुमान जयंती

तिथि- 16 अप्रैल

महत्व- हनुमान जयंती भगवान हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है।

शुभ मुहूर्त- सुबह 2:27 से 17 अप्रैल रात 00:26 तक

मई

अक्षय तृतीया

तिथि- 3 मई

महत्व- इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है और सोना खरीदने के लिए यह दिन शुभ माना जाता है.

शुभ मुहूर्त- 05:39 से 12:18 तक

मोहिनी एकादशी

तिथि- 12 मई

महत्व- इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने वाला मोह माया के जंजाल से निकलकर मोक्ष प्राप्त करता है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 5:31 से 13 मई सुबह 8:14 तक

अपरा एकादशी

तिथि- 26 मई

महत्व- इस दिन को अजला और अपरा दोनों एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन गंगाजल से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 5:25 से 27 मई सुबह 8:10 तक

जून

निर्जला एकादशी

तिथि- 11 जून

महत्व- इस व्रत को करने से दीर्घायु और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 5:22 से 12 जून सुबह 8:09 तक

जुलाई

देवशयनी एकादशी

तिथि- 10 जुलाई

महत्व- इस दिन से भगवान विष्णु अगले चार मास के लिए क्षीरसागर में शयन करते हैं.

शुभ मुहूर्त- सुबह 5:30 से 11 जुलाई सुबह 8:17 तक

गुरु-पूर्णिमा

तिथि- 13 जुलाई

महत्व- इस दिन गुरु की पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 4:01 से 14 जुलाई रात 00:08 तक

हरियाली तीज

तिथि- 31 जुलाई

महत्‍व- भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में यह उत्सव मनाया जाता है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 3:01:48 से 1 अगस्‍त सुबह 4:20 तक

अगस्त

नाग पंचमी

तिथि- 2 अगस्त

महत्व- इस दिन नागों की पूजा करने की परंपरा है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 5:42 से सुबह 8:24 तक

रक्षा बंधन

तिथि- 11 अगस्त

महत्‍व- यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का उत्सव है. इन दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं.

शुभ मुहूर्त- 20:52 से 21:13 तक

कजरी तीज

तिथि- 14 अगस्त

महत्व- वैवाहिक जीवन की सुख और समृद्धि के लिए इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं.

शुभ मुहूर्त- 00:55 से 22:37 तक

जन्माष्टमी

तिथि- 19 अगस्त

महत्व- इस दिन ही श्रीकृष्‍ण का जन्‍म हुआ था.

शुभ मुहूर्त- 00:03 से 00:46 तक

हरतालिका तीज

तिथि- 30 अगस्त

महत्व- इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है.

शुभ मुहूर्त- 5:57 से 8:31 तक

गणेश चतुर्थी

तिथि- 31 अगस्त

महत्व- इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था. भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना कर पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- सुबह 11:04 से दोपहर 13:37 तक

सितंबर

अनंत चतुर्दशी

तिथि- 9 सितंबर

महत्व- इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- 6:02 से 18:09 तक

इन्दिरा एकादशी

तिथि- 21 सितंबर

महत्व- मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने वाले मनुष्य की सात पीढ़ियों तक के पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

शुभ मुहूर्त- 6:09 से 22 सितंबर 8:34 तक

शरद नवरात्रि

तिथि- 26 सितंबर

महत्‍व- शरद नवरात्रि में मां दुर्गा अपने मायके रहने आती हैं.

घटस्थापना मुहूर्त : 6:11 से 7:51 तक

अक्टूबर

दशहरा

तिथि- 5 अक्टूबर

महत्व- इसी दिन भगवान राम ने रावण का संहार किया था.

शुभ मुहूर्त-14:07 से 14:54 तक

पापांकुशा एकादशी

तिथि- 6 अक्टूबर

महत्व- इस दिन मौन रहकर भगवद्गीता पढ़ने का खास महत्व है.

शुभ मुहूर्त- 6:16 से 7 अक्टूबर 8:37तक

रमा एकादशी

तिथि- 21 अक्टूबर

महत्व- इस एकादशी को लक्ष्मी जी के नाम पर रमा एकादशी कहा जाता है.

शुभ मुहूर्त- 6:25 से 22 अक्टूबर 8:41 तक

धनतेरस

तिथि- 23 अक्टूबर

महत्व- माना जाता है कि इस दिन धन्वंतरि देवता समुद्र मंथन से अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे. धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है.

शुभ मुहूर्त-17:44 से 18:05 तक

दिवाली

तिथि- 24 अक्टूबर

महत्‍व- दीपावली को दीप उत्सव भी कहा जाता है. इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- 18:54 से 20:16 तक

छठ पूजा

तिथि- 30 अक्टूबर

महत्व- इसे दिन को सूर्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है और इसमें सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है.

शुभ मुहूर्त- 30 अक्टूबर सूर्यास्त का समय:17:37

31 अक्टूबर सूर्योदय का समय : 6:31

नवंबर

देवउठनी एकादशी

तिथि- 4 नवंबर

महत्व- देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में 4 माह शयन के बाद जागते हैं.

शुभ मुहूर्त- 6:35 से 5 नवंबर 8:47 तक

कार्तिक पूर्णिमा

तिथि- 8 नवंबर

महत्व- इस दिन महादेव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का संहार किया था.

शुभ मुहूर्त- 16:18 से 8 नवंबर 16:34 तक

उत्पन्ना एकादशी

तिथि- 20 नवंबर

महत्व- मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है. दिन माता एकादशी ने राक्षस मुर का संहार किया था.

शुभ मुहूर्त- 6:48 से 21 नवंबर 8:55 तक

दिसंबर

सफला एकादशी

तिथि- 19 दिसंबर

महत्व- यह एकादशी का व्रत करने वालों केे सभी कार्य सफल हो जाते हैं, इसलिए इसे सफला एकादशी कहा जाता है.

शुभ मुहूर्त- 7:08 से 20 दिसंबर 9:12 तक

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें