Ukraine Russia Crisis: झारखंड के आदिम जनजाति समुदाय की बिटिया का छलका दर्द, बोली-वतन लौटने को हूं व्याकुल

Ukraine Russia Crisis: लतिका पिछले चार वर्षों से यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है. उसने परिजनों को बताया कि वह सुरक्षित है, लेकिन हालात दिन-प्रतिदिन बदतर हो रहे हैं. वह अपने वतन लौटने को व्याकुल है.
Ukraine Russia Crisis: रूस और यूक्रेन की जंग में झारखंड के लातेहार जिले की होनहार आदिम जनजाति बिरजिया समुदाय की बिटिया लतिका ठिठियो यूक्रेन में फंस गयी है. वह पिछले चार वर्षों से वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रही है. उसने परिजनों को बताया कि वह सुरक्षित है, लेकिन हालात दिन-प्रतिदिन बदतर हो रहे हैं. वह अपने वतन लौटने को व्याकुल है. इधर, उसके माता-पिता की चिंता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. इन्होंने झारखंड सरकार से मदद की गुहार लगाई है कि उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए.
लतिका ठिठियो लातेहार जिला अंतर्गत महुआडांड़ प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र दुरुप पंचायत के दौना गांव की रहने वाली है. लातेहार जिला मुख्यालय से दूरूप पंचायत 150 किलोमीटर दूर है. लतिका आदिम जनजाति बिरजिया समुदाय से है. आदिम जनजाति बहुल गांव दौना विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है. लतिका के पिता इसहाक बिरजिया पेशे से मजदूर हैं. उन्होंने बताया कि बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च मिशनरी संस्था उठाती है.
Also Read: Jharkhand News: झारखंड में नक्सलियों का मददगार बताकर थानेदार ने लाठियों से पीटा, बाद में कह दिया-सॉरीलतिका ठिठियो यूक्रेन के 1 B कुचमईन यार स्ट्रीट क्वीव 03035 में फंसी है. उसने माता-पिता को संदेश भेजा है कि वह फ्लाइट से भारत वापसी का टिकट भी करवाया था. अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कीव भी पहुंच चुकी थी, लेकिन ऐन वक्त पर फ्लाइट रद्द हो जाने की वजह से वो फंस गई है. उसकी मां फोलोरा बिरजिया का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार वाले किसी अनहोनी की आशंका से घबराये हुए हैं. घर में न ठीक से खाना बन रहा है, न कोई काम कर पा रहे हैं. जब लोग आकर बेटी की खबर पूछते हैं, तब बताते इसहाक रो पड़ते हैं. उन्होंने उपायुक्त और झारखंड सरकार से मदद की गुहार लगायी है कि उनकी बेटी को सुरक्षित लाने में आवश्यक कदम उठायें.
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इसहाक बिरजिया ने महुआडांड़ अनुमंडल मुख्यालय पहुंच कर एसडीओ नीत निखिल सुरीन से मुलाकात कर अपनी बच्ची को वापस भारत लाने की गुहार लगाई. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी से गुरुवार रात को आखिरी बार बात हुई थी, जब उसने फ्लाइट रद्द होने की बात बताई थी. इस बारे में एसडीओ नीत निखिल सुरीन ने कहा कि लतिका ठिठियो के संबंध में उपायुक्त को जानकारी दी जा चुकी है. राज्य सरकार ने इस संबंध में हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और लतिका के परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई है. छात्रा की जल्द वतन वापसी की उम्मीद है. वाट्सएप्प के माध्यम से भेजे मैसेज में लतिका ठिठियो ने कहा कि वह यूक्रेन की राजधानी कीव में है और सुरक्षित जगह पर है. हालांकि इस दौरान भारतीय एंबेसी या किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया है. लतिका ने कहा कि यहां हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं. बमों के धमाके से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. भारत लौटने को हम व्याकुल हैं.
Also Read: झारखंड के भाषा विवाद और स्थानीय नीति आंदोलन पर क्या बोले बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी व दीपक प्रकाशलातेहार के मनिका से विधायक रामचन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उनके विधानसभा क्षेत्र के तीन छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि इन छात्रों की वतन वापसी को लेकर पहल की जाए.
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