Jharkhand news: कोडरमा के कवि मर्डर केस में काेर्ट का आया फैसला, दो दोषियों को सुनायी उम्र कैद की सजा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Apr 2022 9:46 PM
कोडरमा स्थित चंदवारा के बहुचर्चित कवि हत्याकांड में बुधवार को फैसला आया है. इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय तरुण कुमार की कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.
Jharkhand news: वर्ष 2016 के बहुचर्चित कवि कुमार हत्याकांड में कोडरमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय तरुण कुमार की कोर्ट ने दो आरोपी मो इम्तियाज और मो मिराज चंदवारा निवासी को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी.
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, कोडरमा जिला के चंदवारा थाना क्षेत्र निवासी आरएसएस कार्यकर्ता कवि कुमार को 11 सितंबर, 2016 को घर से बुलाकर हत्या कर दी गई थी. घटना को लेकर मृतक की मां आशा देवी पति बालेश्वर साव ने चंदवारा थाना में मामला दर्ज कराया था. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि चंदवारा के मो मिराज अपनी बाइक से कवि कुमार को घुमाने ले गया था. जब एक घंटे तक पुत्र वापस नहीं लौटा, तो उसको फोन लगाई गयी, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला.
गौरी नदी के समीप मिला शव
इसी दौरान ग्रामीणों ने जानकारी दी कि कवि का शव गौरी नदी के समीप पड़ा है. इसके बाद पुलिस के सहयोग से अपने पुत्र को निजी क्लिनिक ले गई, जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया और सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शव पर मारपीट और जख्म के भी निशान पाये गए.
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कोर्ट ने सुनायी दो दोषियों को उम्र कैद की सजा
इस मामले को लेकर पुलिस ने उस समय तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. हालांकि, बाद में एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसे जमानत मिल गई. पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद सुनवाई शुरू हुई. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक बलिराम सिंह ने अदालत में 12 गवाहों का प्रतिपरीक्षण कराया और दोनों अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा देने की मांग की. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्यनारायण प्रसाद ने न्यायालय में अपनी दलीलें रखी.अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेख पर उपस्थित साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
हत्या के बाद मामले ने पकड़ा था तूल
आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या का मामला सामने आने के बाद वर्ष 2016 में काफी बवाल हुआ था. दो पक्ष आमने-सामने हो गए थे. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर रांची-पटना रोड तक जाम कर प्रदर्शन किया गया था. उस समय बरही के पूर्व विधायक अभी वर्तमान विधायक उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में आंदोलन चला था. सड़क जाम, आगजनी के मामले में विधायक श्री अकेला सहित अन्य लोगों को बाद में कुछ दिन के लिए जेल भी जाना पड़ा था. इधर, चंदवारा के विधायक प्रतिनिधि राजकुमार यादव ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि संघर्ष की जीत हुई है. न्यायालय ने दोषियों को उम्र कैद देकर इंसाफ किया है.
Posted By: Samir Ranjan.
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