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टाटा स्टील के करीब 23 हजार कर्मचारियों के खाते में सोमवार को आयेगी बोनस की राशि, कर्मियों में बढ़ी उत्सुकता

Updated at : 22 Aug 2021 4:58 PM (IST)
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टाटा स्टील के करीब 23 हजार कर्मचारियों के खाते में सोमवार को आयेगी बोनस की राशि, कर्मियों में बढ़ी उत्सुकता

टाटा स्टील इस बार अपने कर्मचारियों को बंपर बोनस दे रही है. कंपनी करीब 23 हजार कर्मचारियों के बीच 270.28 करोड़ रुपये बोनस के तौर पर दे रही है. सोमवार को कर्मचारियों के खाते में बोनस की राशि आने की संभावना है. इसमें अधिकतम 3.59 लाख रुपये और न्यूनतम 34 हजार रुपये से अधिक कर्मचारियों को मिलेंगे.

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Jharkhand News (जमशेदपुर) : टाटा स्टील में बुधवार को बोनस समझौता हुआ. 270.28 करोड़ रुपये बतौर बोनस कंपनी के कुल 23 हजार कर्मचारियों के बीच बांटे जायेंगे. इनमें जमशेदपुर प्लांट के साथ ट्यूब डिवीजन के 12,558 कर्मचारियों को 158.31 करोड़ रुपये मिलेंगे. बाकी के 111.97 करोड़ रुपये कलिंगानगर प्लांट, मार्केटिंग एंड सेल्स, नोवामुंडी, जामाडोबा, झरिया और बोकारो माइंस के 10,442 कर्मचारियों के खाते में जायेंगे. कर्मचारियों को न्यूनतम 34,290 रुपये और अधिकतम 3,59,029 रुपये मिलेंगे.

बोनस पुराने फॉर्मूले (पूर्व अध्यक्ष आर रवि प्रसाद एंड टीम द्वारा तय फॉर्मूला) पर दिया गया है. बोनस समझौते पर टाटा स्टील के एमडी सह ग्लोबल सीइओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने सभी वीपी और यूनियन के महामंत्री व डिप्टी प्रेसिडेंट की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये.

पिछले साल की तुलना में इस बार बोनस में 34.74 करोड़ रुपये ज्यादा मिले हैं. चूंकि, फॉर्मूला बनने के बाद से प्रतिशत पर बोनस नहीं होता है, लेकिन ओवरऑल इस बार का बोनस 16.56 प्रतिशत रहा है. पिछली बार 235.54 करोड़ रुपये प्रबंधन की ओर से बोनस मिला था, जो 12.09 प्रतिशत था. इस बार की बोनस राशि में वृद्धि के साथ 4.47 प्रतिशत का उछाल है. बोनस की राशि कर्मचारियों के खाते में सोमवार तक चली जायेगी. टाटा स्टील के इतिहास में पहली बार इतनी ज्यादा राशि बोनस के तौर दी गयी है. साथ ही अगस्त में भी पहली बार बोनस हुआ है.

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उत्पादन व बिक्री के साथ लाभ बढ़ना अच्छे बोनस का खोला रास्ता

टाटा स्टील के इतिहास में पहली बार बोनस के तौर पर इतनी ज्यादा राशि देने के पीछे का कारण कंपनी का अच्छा प्रदर्शन रहा. बोनस पिछले वित्तीय वर्ष यानी 2020-21 के प्रदर्शन पर दिया गया है. वर्ष 2020 वह समय था जब देश कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा था. देश दुनिया में उद्योग-धंधे पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा था. लेकिन, टाटा स्टील के अपने विभिन्न प्रोडक्ट व बाजार की वजह से न केवल स्थायी तौर बनी रही, बल्कि शानदार प्रदर्शन किया. यही वजह है कि कंपनी ने प्रोडक्शन के साथ सेल्स भी बढ़ाने में सफल रही. इस वजह से मुनाफा में वृद्धि हुआ.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में कंपनी को जहां 7935.89 करोड़ रुपये मुनाफा हुआ था, वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 13,606.69 करोड़ रुपये मुनाफा हुआ. मतलब मुनाफा में करीब 5000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई. चूकि, बोनस फॉर्मूला प्रोडेक्टिविटी, प्रॉफिटिब्लिटी, प्रॉफिट, सेफ्टी पर दिया जाता है. इसलिए इस बार बोनस की राशि में उछाल हुआ है.

यूनियन की तय स्ट्रेटजी का मिला लाभ

यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी की नेतृत्व वाली टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी यह तक कर चुके थे कि इस बार बोनस पुराने फॉर्मूले पर कराया जायेगा. पूर्व अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के द्वारा बनाये बोनस फॉर्मूला की अवधि (2018-21) 2020 के बोनस के दौरान समाप्त हो चुकी थी. वर्ष 2021 में आयी नयी टीम के पास बोनस के लिए फॉर्मूला बनाना एक बड़ी चुनौती थी. कोरोना की वजह से यूनियन की न कमेटी मीटिंग हुई और न नियमित बैठक हुई. ऐसे में फॉर्मूला बनाना मुश्किल था. प्रबंधन भी पुराने फॉर्मूले पर सहमति जता चुकी थी. इसलिए इसमें न तो बैठक की जरूरत पड़ी और न प्रबंधन के पास प्रस्ताव भेजने की. बोनस की घोषणा एक औपचारिक थी, जो समय से पहले कर दिया गया.

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एमडी ने दिया संदेश : महामारी में दिवंगत साथी कर्मचारियों को करें याद, बोनस पर जश्न न मनाये

बोनस हस्ताक्षर के दौरान टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने यूनियन पदाधिकारियों के माध्यम से संदेश दिया है कि बोनस अच्छा हुआ है. राशि का सदुपयोग करने के साथ उन्होंने कर्मचारियों से अपील की है कि इसको लेकर बहुत जश्न और खुशी मनाने की जरूरत नहीं है. हमने इस कोरोना महामारी अपने कई साथी कर्मचारी को खोया है. इसलिए उनके और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना दिखाते हुए बोनस राशि को लेकर थोड़ा संयत बरतने की जरूरत है.

सेफ्टी पर इस बार भी जीरो राशि

बोनस राशि 270 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती थी, लेकिन कंपनी में दुर्घटना होने की वजह से यह राशि पिछले बोनस की तरह इस बार भी जीरो हो गया. तय फॉर्मूला के सेफ्टी का मानक अनुसार प्वाइंट 4 (0.4) से ज्यादा होने पर बोनस की राशि जीरो हो जाती है. इस बार दुर्घटना के साथ तीन भी हुआ है जिस वजह से यह प्वाइंट 55 (0.55) पर पहुंच गया. इसलिए बोनस की राशि शून्य हो गयी. फॉर्मूला के अनुसार सेफ्टी में जीरो प्वाइंट होने पर 15 करोड़ की राशि मिलती है. 0 से .2 होने पर 10 करोड़, 0.2 से 0.4 में तक होने पर 5 करोड़ रुपये देने का प्रावधान है.

Posted By : Samir Ranjan.

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